स्थायी लोक अदालत के समझौते से नाबालिग याचीनी को मिला 15 लाख रुपये का मुआवजा
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इंश्योरेंस कंपनी ने जमा की एवार्ड राशि, अध्यक्ष ने सौंपा चेक

महराजगंज।(न्यूज पैच)। स्थायी लोक अदालत, जनपद न्यायालय महराजगंज में लंबित एक महत्वपूर्ण वाद का सफलतापूर्वक निस्तारण होने के बाद नाबालिग याची को 15 लाख रुपये की एवार्ड राशि प्रदान की गई। यह भुगतान दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते और स्थायी लोक अदालत द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालय स्थायी लोक अदालत, महराजगंज के समक्ष विचाराधीन पी.एल.ए. वाद संख्या 68/2025 काव्या बनाम आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर 26 मई 2026 को आदेश पारित किया गया था।
आदेश के अनुपालन में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्धारित एवार्ड राशि न्यायालय में जमा कर दी गई। इसके उपरांत गुरुवार को स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश मालवीय ने अपने विश्राम कक्ष में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान 15 लाख रुपये की एवार्ड राशि का चेक नाबालिग याची काव्या को उसकी संरक्षिका कौशल्या देवी पत्नी जंगबहादुर चौहान के माध्यम से प्रदान किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष राकेश मालवीय ने कहा कि स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराना है। आपसी समझौते के माध्यम से विवादों का निस्तारण होने से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान स्थायी लोक अदालत की सदस्य गुंजा राय एवं प्रियंका तिवारी भी उपस्थित रहीं। वहीं याची पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामभवन यादव भी मौजूद रहे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी लोक अदालतों के माध्यम से होने वाले ऐसे समझौतापूर्ण निस्तारण न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्थायी लोक अदालत द्वारा समयबद्ध तरीके से विवाद का समाधान और एवार्ड राशि का भुगतान किए जाने से संबंधित पक्षों को शीघ्र न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।




