संपूर्ण समाधान दिवस में 91 मामलों में 4 का निस्तारण
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश, भूमि विवाद और आईजीआरएस शिकायतों पर विशेष जोर

फरेंदा, महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील फरेंदा सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 91 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 4 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु सौंपा गया।
संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनसमस्याओं से जुड़ी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए और निष्पक्ष जांच के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवाद अक्सर सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की समस्या का कारण बनते हैं, इसलिए इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देकर शिकायतों का निस्तारण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे व्यक्तिगत रूप से शिकायतों की समीक्षा करें और संतुष्टि प्रतिशत को न्यूनतम 75 प्रतिशत तक सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि किसी अधिकारी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती गई तो उसके विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का माध्यम है, इसलिए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। मौके पर निस्तारित किए गए मामलों में राजस्व और जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, उपजिलाधिकारी फरेंदा शैलेन्द्र गौतम, तहसीलदार फरेंदा वशिष्ठ वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का कहना है कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
रवि श्रीवास्तव




