पुलिस लाइन में फायर सर्विस की मॉक ड्रिल, परखी आपदा से निपटने की तैयारी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। आपातकालीन परिस्थितियों और भीषण अग्निकांड से निपटने के लिए महराजगंज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी तैयारी को परखने के लिए बुधवार को पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में फायर सर्विस टीम द्वारा मॉक ड्रिल एवं आपदा प्रबंधन अभ्यास किया गया।
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए इस अभ्यास में अत्याधुनिक तकनीक से बहुमंजिला इमारत और घनी रिहायशी बस्ती में अचानक भीषण आग लगने का दृश्य तैयार किया गया। कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम ने निर्धारित रिस्पॉन्स टाइम का सख्ती से पालन करते हुए सायरन बजाकर घटनास्थल की ओर कूच किया। कुछ ही मिनटों में दमकल वाहनों का काफिला पुलिस लाइन पहुंच गया। मौके पर फायर ब्रिगेड के जांबाज कर्मियों ने हाई-प्रेशर होज पाइप, वाटर टेंडर और फोम टेंडर जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने का सजीव प्रदर्शन किया।
ऊंची इमारत में फंसे लोगों को हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और रस्सों के सहारे सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस सेवा का भी रिहर्सल किया गया ताकि वास्तविक आपदा में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल रह सके। मॉक ड्रिल का सबसे अहम हिस्सा पुलिसकर्मियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। पुलिस लाइन में मौजूद सभी अधिकारियों और आरक्षियों को छोटे फायर सिलेंडर चलाने, आग के प्रकार पहचानने और शुरुआती मिनटों में आग बुझाने की तकनीक सिखाई गई। फायर अफसरों ने बताया कि अक्सर बड़ी दुर्घटनाएं इसलिए होती हैं क्योंकि शुरुआती 5 मिनट में सही कदम नहीं उठाया जाता। अगर हर पुलिसकर्मी बेसिक फायर फाइटिंग जानता हो तो जान-माल का नुकसान काफी कम किया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि जिले में लगातार बढ़ रही आबादी और बहुमंजिला निर्माण को देखते हुए फायर सेफ्टी अब सबसे बड़ी चुनौती है। इस तरह की मॉक ड्रिल से न सिर्फ फायर कर्मियों की कार्यकुशलता परखी जाती है, बल्कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका के बीच समन्वय भी मजबूत होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि हर थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को चरणबद्ध तरीके से फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाए।कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन समेत जिले के सभी थाना प्रभारियों, फायर स्टेशन ऑफिसर और बड़ी संख्या में पुलिस व फायर सर्विस के जवान मौजूद रहे। ड्रिल के अंत में सभी उपकरणों की परिचालन स्थिति की जांच की गई और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
मॉक ड्रिल के मुख्य बिंदु
आपदा में त्वरित रिस्पॉन्स, विभागीय समन्वय और उपकरणों की जांच।
बहुमंजिला इमारत व रिहायशी इलाके में भीषण आग की स्थिति।
हाई-प्रेशर पंप, वाटर टेंडर, फोम टेंडर, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का प्रयोग।
सभी पुलिसकर्मियों को फायर सिलेंडर चलाने व रेस्क्यू का अभ्यास।
एसपी ने हर थाने में फायर सेफ्टी ट्रेनिंग अनिवार्य करने को कहा।




