रोडवेज बस में मिली खामियां, छह हजार रुपये का चालान, सुधार की नसिहत
कुछ बसों में फायर सिलेंडर या तो खाली मिले या उनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार को यातायात पुलिस और रोडवेज विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया।एआरएम रोडवेज की मौजूदगी में यातायात पुलिस की टीम ने बस स्टैंड परिसर में खड़ी सभी रोडवेज बसों की सघन जांच की। इस चेकिंग का मुख्य फोकस बसों में लगे अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास व्यवस्था पर था।
गर्मी का मौसम और लगातार हो रही बसों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए विभाग सतर्क हो गया है। यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए पुलिस ने फायर सिलेंडर किट, इमरजेंसी एग्जिट विंडो, हथौड़े और अन्य सुरक्षा मानकों की एक-एक कर जांच की। चेकिंग के दौरान कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। कुछ बसों में फायर सिलेंडर या तो खाली मिले या उनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। कई बसों की इमरजेंसी विंडो जाम थीं या उन पर सामान लदा था, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों का निकलना मुश्किल हो जाता।
यातायात पुलिस प्रभारी निरीक्षक अरूणेंद्र सिंह ने रोडवेज ने मौके पर ही सभी बस चालकों और परिचालकों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर बस में मानक के अनुसार पर्याप्त मात्रा में फायर सिलेंडर किट रखना अनिवार्य है। साथ ही इमरजेंसी एग्जिट विंडो को हमेशा चालू हालत में रखना होगा। विंडो के पास किसी भी तरह का सामान रखना नियमों का उल्लंघन है। चालकों को चेतावनी दी गई कि अगली बार खामी मिलने पर केवल चालान नहीं, बल्कि बस का परमिट रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। इस दौरान यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 3 रोडवेज बसों का तत्काल चालान किया। इन तीनों बसों पर कुल 6000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल दंड के लिए नहीं, बल्कि एक संदेश देने के लिए है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एक मामूली लापरवाही सैकड़ों जानों पर भारी पड़ सकती है।
यातायात निरीक्षक ने कहा कि बसों में आग लगने की ज्यादातर घटनाएं शॉर्ट सर्किट या इंजन के ज्यादा गर्म होने से होती हैं। अगर समय पर फायर सिलेंडर का इस्तेमाल हो जाए तो बड़ा हादसा टल सकता है। इसी तरह बस पलटने या दुर्घटना के बाद अक्सर दरवाजे जाम हो जाते हैं, तब इमरजेंसी विंडो ही यात्रियों के बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता होती है। इसलिए इन दोनों चीजों का दुरुस्त होना बहुत जरूरी है।




