निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेश में निबंधन विभाग के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया के विरोध में अब अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन भेजकर निबंधन कार्य के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश शुक्ल एवं महामंत्री आनंद प्रकाश पाण्डेय की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि निबंधन कार्य वर्षों से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के माध्यम से संचालित होता रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यदि सरकार इस कार्य को निजी कंपनियों को सौंपती है तो बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक एवं इससे जुड़े अन्य लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सरकार की नीतियों के कारण निबंधन प्रक्रिया को धीरे-धीरे निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार नए नियम लागू कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को जटिल और खर्चीला बनाया जा रहा है, जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बार एसोसिएशन ने कहा कि यदि निबंधन कार्य पूरी तरह निजी कंपनियों के हाथों में चला गया तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े होंगे, जबकि अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि निबंधन कार्य को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस मुद्दे को लेकर जिले के अधिवक्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
प्रदर्शन में अभिषेक श्रीवास्तव, रमेश सिंह, अशोक कुमार, बृजेश्वर लाल शर्मा, अफताब आलम, शेषमणि गुप्ता, अनिल, चंद्रभान, जय प्रकाश, अखिलेश, राजबहादुर, रिगेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।




