महराजगंज को बागवानी निर्यात हब बनाने की तैयारी, किसानों के साथ बैठक में बनी रणनीति

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद को औद्यानिक फसलों के उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना की समीक्षा को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रगतिशील किसानों, उद्यान विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बागवानी क्षेत्र के विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि महराजगंज की जलवायु और भूमि की गुणवत्ता बागवानी फसलों के लिए बेहद अनुकूल है। यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो जनपद को औद्यानिक उत्पादों के उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई जा सकती है।
उन्होंने जिला उद्यान विभाग को निर्देश दिया कि जनपद की ऐसी कम से कम चार प्रमुख औद्यानिक फसलों का चयन किया जाए, जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग हो। इन फसलों के उत्पादन, गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण और विपणन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर किसानों को उससे जोड़ा जाए।
बैठक में किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यवसायिक और बाजार आधारित कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्पादन से लेकर विपणन तक प्रशासन किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
उन्होंने बस्ती स्थित इंडो-इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से समन्वय स्थापित कर किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। इन प्रशिक्षणों में निर्यात गुणवत्ता वाले फल एवं सब्जियों के उत्पादन, आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
बैठक के दौरान किसानों ने मशरूम उत्पादन, फ्रूट बैगिंग तकनीक, कैप्सिकम खेती, सब्जी एवं मसाला उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट, मधुमक्खी पालन, कृषि मशीनीकरण और लाइट ट्रैप जैसी योजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने जमीनी स्तर की चुनौतियों और संभावनाओं से प्रशासन को अवगत कराया, जिस पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का एक विशेष आकर्षण प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए फल प्रदर्शनी स्टॉल रहे। प्रगतिशील कृषक तलत हसन और सुनील कुमार सिंह ने अपने बागानों में तैयार की गई आम की उन्नत और विदेशी प्रजातियों का प्रदर्शन किया। इनमें टॉमी एटकिंसन, अरुणिमा और जापान की प्रसिद्ध मियाजाकी प्रजाति सहित कई उच्च गुणवत्ता वाले आम शामिल थे। इसके अलावा ताइवान अमरूद और वीएनआर प्रजाति के अमरूद ने भी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रगतिशील कृषक इन्द्रकेश ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर सीमित भूमि में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने मशरूम उत्पादन को किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बताया।
बैठक में परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी संजय कुमार रस्तोगी, उप कृषि निदेशक संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित की जाए तो महराजगंज के किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक लाभ मिल सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रशासन अब औद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है।




