विचारों और संस्कृति को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का दृश्य माध्यम है चित्रकला : कृष्णानन्द शुक्ला
संगीत, नृत्य और चित्रकला पर हुआ कार्यशाला का भव्य आयोजन

सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद के नगर पंचायत चौक बाजार स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा माध्यमिक उत्तर प्रदेश लखनऊ एवं जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश के क्रम में विद्यालय में भारतीय भाषा समर कैंप- 2026 के तृतीय दिवस हेतु प्रस्तावित गतिविधियों के क्रम में संगीत, नृत्य और चित्रकला आधारित गतिविधियों को छात्र छात्राओं के सम्मुख प्रस्तुत किया गया।
छात्र /छात्राओं को संबोधित करते हुए कला विषय के शिक्षक कृष्णानंद शुक्ला द्वारा चित्रकला का प्रदर्शन वीडियो अथवा स्थानीय संसाधन के माध्यम से छात्र /छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही कहा कि चित्रकला मानवीय भावनाओं, विचारों और संस्कृति को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का एक सशक्त दृश्य माध्यम है। यह न केवल रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ाती है, बल्कि मानसिक शांति, तनाव मुक्ति और ऐतिहासिक/सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह भाषा से परे संवाद का एक माध्यम है।
इसी क्रम में विद्यालय के संगीत शिक्षक अश्वनी तिवारी द्वारा छात्र-छात्राओं को गीतों के माध्यम से भाषा सिखाना और स्थानीय वाद्य यंत्र जैसे- हारमोनियम, ढोलक तबला,गिटार, वीणा, बांसुरी,झांझ और तीन ढोल ड्रम आदि के माध्यम से छात्र/छात्राओं को सरगम व अलंकार की जानकारी भी दी। साथ ही छात्राओं को बनारस राजघराने का प्रसिद्ध कत्थक नृत्य की सामान्य जानकारी सांझा किए। छात्र / छात्राओं को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट शेषनाथ ने कहा कि ऐसे समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न भारतीय भाषाओं को संगीत और कला के माध्यम से परिचित कराना उनमें भाषा एवं सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान और रूचि विकसित करना है।
विद्यालय के होनहार छात्र हर्षित कुमार द्वारा वाद्य यंत्र गिटार पर देश भक्ति गीत की शानदार प्रस्तुति से छात्र-छात्राओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का संचालन बिनोद कुमार विमल और संयोजन कृष्णानंद शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं,कर्मचारी और अधिकांश छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रमोद मौर्य




