एक वर्ष के लिए निर्धारित होगे विभागवार लक्ष्य,जिलाधिकारी ने मनरेगा से निर्मित परिसम्पत्तियो के भौतिक सत्यापन का दिया निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने विकास भवन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में संचालित विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी एक वर्ष के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पशुपालन, वन, मनरेगा तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर परिणाम के रूप में प्रदर्शित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग आगामी एक वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समयबद्ध कार्ययोजना तथा अपेक्षित उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण तैयार कर प्रस्तुत करे। बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का गहन अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद की वास्तविक स्थिति को समझे बिना योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है। सभी संबंधित विभाग सर्वेक्षण के संकेतकों का विश्लेषण कर कमजोर क्षेत्रों की पहचान करें तथा उनमें सुधार हेतु विशेष रणनीति तैयार करें।
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मिशन कायाकल्प के अंतर्गत सभी परिषदीय विद्यालयों को शत-प्रतिशत संतृप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में नामांकन वृद्धि, नियमित उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने हेतु सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया। साथ ही विद्यालयों में स्वच्छता, पुस्तकालय, खेल गतिविधियों एवं डिजिटल शिक्षण संसाधनों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। ग्राम्य विकास एवं मनरेगा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मनरेगा से निर्मित परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा सभी सार्वजनिक परिसंपत्तियों को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा कार्यों को जल संरक्षण, पौधारोपण, सामुदायिक परिसंपत्तियों एवं ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास से जोड़ा जाए। उन्होंने परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त ग्राम पंचायतों के संदर्भ में निर्देश दिया कि इन गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाए। सभी संबंधित खंड विकास अधिकारी एक माह के भीतर ग्राम पंचायतवार प्रस्तुतीकरण तैयार कर अवसंरचना विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों की स्थिति से अवगत कराएं।
पंचायतीराज विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने चिन्हित विकास खंडों में निर्माणाधीन प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों को शीघ्र पूर्ण कर संचालन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने गोसदन मधवलिया को जनपद का आदर्श गोसदन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गोवंशों के बेहतर संरक्षण, चारे की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छता एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर बल दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंक लिंकेज, स्वरोजगार, विपणन एवं कौशल विकास गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास खंड में सफल स्वयं सहायता समूहों के मॉडल विकसित किए जाएं।
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पौधारोपण से पूर्व सभी गड्ढों की खुदाई निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर उसकी सूचना वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं जीवितता प्रतिशत सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम एक नवाचारी पहल को चिन्हित कर उसे जनपद में लागू करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन केवल व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि आमजन को प्राप्त वास्तविक लाभ एवं प्रभाव के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, योजनाओं की जमीनी निगरानी तथा विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर उपलब्धियों एवं चुनौतियों से अवगत कराए। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर का निरीक्षण किया तथा नवनिर्मित सभागार को शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास भवन परिसर को अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित, हरित एवं जनोपयोगी बनाने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे राजेंद्र, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, उपायुक्त मनरेगा गौरवेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




