विभाजन की विभीषिका पर संगोष्ठी, चित्र प्रदर्शनी में दिखी त्रासदी की तस्वीर
पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी बोले- विभाजन केवल भू-भाग का बंटवारा नहीं, लाखों परिवारों के जीवन की भयावह त्रासदी थी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में विभाजन की विभीषिका विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1947 के विभाजन से जुड़ी घटनाओं, विस्थापन और पीड़ित परिवारों के संघर्ष को दर्शाती चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभाजन को इतिहास का बेहद पीड़ादायक अध्याय बताया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह और सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया सहित अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विभाजन सिर्फ जमीन का बंटवारा नहीं था : सतीश द्विवेदी
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल भू-भाग का विभाजन नहीं था, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, परिवार और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली भयावह त्रासदी थी। बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और असंख्य लोगों ने अपनी जान गंवाई।
उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।
नई पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराना जरूरी
पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को देश कभी नहीं भुला सकता। यह दिवस उन परिवारों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने घर, जमीन और अपनों को खोने के बाद भी जीवन को नए सिरे से खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की वास्तविक घटनाओं से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि देश की एकता और अखंडता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मजबूत हो।
सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने कहा कि विभाजन की त्रासदी मानवता के इतिहास की दर्दनाक घटनाओं में से एक है। लाखों लोगों ने विस्थापन और हिंसा का दंश झेला। उन्होंने युवाओं से इतिहास को समझने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
एकता और सामाजिक सद्भाव सबसे बड़ी ताकत : संजय पांडेय
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि विभाजन की विभीषिका हमें यह संदेश देती है कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव सबसे बड़ी ताकत है। ऐसी ऐतिहासिक परिस्थितियों से सबक लेकर समाज में भाईचारा, समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को विभाजन के दौर की वास्तविकता से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
संगोष्ठी के बाद निकला मौन जुलूस
संगोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ला, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, पूर्व विधायक चौधरी शिवेंद्र सिंह, प्रमुख राम हरख गुप्ता, प्रमुख ओम प्रकाश जायसवाल, प्रमुख विवेक गुप्ता, प्रमुख आनंद शंकर वर्मा, चेयरमैन संतोष जायसवाल, गिरिजेश जायसवाल, सतीश मधेशिया और पूर्व वायुसेना अधिकारी राम प्रकाश गुप्ता सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
संगोष्ठी के बाद मौन जुलूस निकाला गया, जो नगर तिराहे तक पहुंचा। जुलूस के माध्यम से विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार जायसवाल, राम प्रकाश गुप्ता, श्रीपति दास, स्वतंत्रता सेनानी झालरा देवी के परिजनों और फुलेना देवी के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहीद पंकज त्रिपाठी के पिता ओम प्रकाश त्रिपाठी तथा शहीद सुखराज चौधरी, काशीनाथ चौधरी और झिनकू चौधरी के परिजनों को माला, अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, शैलेश पांडेय, संतोष सिंह, अजय श्रीवास्तव, फरीदा ईरम, जिला महामंत्री बबलू यादव, प्रभाकर द्विवेदी, मधुर सिंह, जिला मंत्री बैजनाथ पटेल, विष्णुदेव चौरसिया, सरोज पांडेय, ठाकुर रौनियार, गौतम चौधरी, दिनेश जायसवाल, वंदना त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष हेमंत गुप्ता, टाइगर तिवारी, अशोक पटेल, विजय गौड़, विवेक पटेल, गोविंद जायसवाल, जिला कोषाध्यक्ष आकाश गुप्ता, नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, बलराम दुबे सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इतिहास की पीड़ा से एकता का संदेश
संगोष्ठी और चित्र प्रदर्शनी के जरिए विभाजन के दौरान झेली गई पीड़ा को याद करते हुए वक्ताओं ने सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और नागरिक शामिल हुए।




