छात्राओं को यौन उत्पीड़न रोकथाम का दिया गया प्रशिक्षण

सिन्दुरिया, महाराजगंज।(न्यूज पैच)। नगर पंचायत चौक बाजार स्थित दिग्विजयनाथ बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में बुधवार को ब्रेकथ्रू ट्रस्ट लोरियल पेरिस और राइट टू बी ऑर्गेनाइजेशन के तत्वाधान में एक घंटे का बायस्टैंडर प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
इसमें छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से दिग्विजय नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में ब्रेकथ्रू ट्रस्ट द्वारा बायस्टैंडर इंटरवेंशन प्रोग्राम के अंतर्गत एक जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले यौन उत्पीड़न की पहचान, उससे बचाव तथा सुरक्षित तरीके से हस्तक्षेप करने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली अभद्र टिप्पणियां, घूरना, पीछा करना, अवांछित स्पर्श तथा अन्य प्रकार के अनुचित व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में मूकदर्शक बनने के बजाय सुरक्षित तरीके से पीड़ित का सहयोग करना समाज की जिम्मेदारी है। सत्र में 5 डी तकनीकों ( ध्यान भटकाना) , (दूसरों की सहायता लेना), (घटना का सुरक्षित दस्तावेजीकरण करना), (घटना के बाद पीड़ित का सहयोग करना) तथा (परिस्थिति सुरक्षित होने पर सीधे हस्तक्षेप करना) — के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं को समझाया गया कि किसी भी संवेदनशील परिस्थिति में अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किस प्रकार प्रभावी हस्तक्षेप किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि यदि किसी के साथ यौन उत्पीड़न होता है, तो सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि इसमें पीड़ित की कोई गलती नहीं होती। यदि पीड़ित प्रतिक्रिया देना चाहता है, तो प्रतिक्रिया देने का तरीका चुनने का अधिकार उसी का होता है। वह अपनी सुरक्षा और सहजता के अनुसार उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति से बात कर सकता है, किसी भरोसेमंद मित्र, परिवार के सदस्य, शिक्षक या अन्य विश्वसनीय व्यक्ति के साथ अपनी बात साझा कर सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त कर सकता है। प्रतिभागियों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वयं पर विश्वास बनाए रखना, सहायता मांगना और सहयोग स्वीकार करना इस स्थिति से उबरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए तथा सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में समाज की सक्रिय भूमिका पर चर्चा की। प्रशिक्षण के अंत में छात्राओं ने सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम समन्वयक ऋषभ पाण्डेय ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से छात्राओं से संवाद किया और उनके विचारों को भी जाना। उन्होंने छात्राओं को बताया कि कैसे हम एक जिम्मेदार नागरिक बनकर आसपास हो रही गलत घटनाओं में हस्तक्षेप कर सकते हैं।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक की कुल 257 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रधानाचार्या श्रीमती सपना सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं।
विद्यालय भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।इस प्रशिक्षण में सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
प्रमोद कुमार मौर्य




