महाव तटबंध में खप जाता करोड़ों का बजट, सिल्ट से पट जाता खेत
13 साल में 30 बार टूटा महाव तटबंध, मरम्मत के नाम पर जिम्मेदार डकार जाते बजट

महराजगंज।(न्यूज पैच)। महाव तटबंध बीते 13 साल में करीब 30 बार टूटा है। इसके मरम्मत के नाम पर करोड़ों खपा दिए जाते हैं। तटबंध के किनारे के खेतों में हर साल रेत भर जाती है। मरम्मत में खानापूरी की जिम्मेदार बजट डकार जाते हैं। महाव नाले के दायरे में गांवों के लोगों की खेती बर्बाद होने के साथ ही गांव तक पानी पहुंचने से दुश्वारियां बढ़ने का खतर हर मंडरता रहता है। अब तो महाव के नाम पर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं के लिए यह मुद्दा रहता तो सत्ता पक्ष तटबंध पर कार्यो को बेहतर होने का दावा करता है।
बरगदवा थाना क्षेत्र में 65 खतरनाक मोड़ वाले महाव नाले को लेकर इस बार भी क्षेत्र के लोग परेशान हैं। बीते दिनों एक स्थान पर तटबंध का किनारा टूट गया था। इसकी जानकारी होते ही जिम्मेदारों ने आनन फानन में जेसीवी लगवा कर ठीक करा दिया। क्षेत्र के बरगदवा, देवघट्टी, हरखपुरा, शिकारगढ़, नारायनपुर, हरपुर, अमहवा, बेलहिया, खजहिया, गणेशपुर, खैरहवा दूबे, कोहरगड्डी, माअसुरैना, दोगहरा, विशुनपुरा, जहरी, सागरहवा, महरी घोड़हवा, लुठहवा, गंगवालिया जैसे गांवों में तबाही होने की आशंका रहती है। इस बार तो किनारा टूटने से खेतों में रेत भर गई है। इससे पहले से हुई रोपाई बर्बाद हो गई। हरखपुर गांव के किनारे नरेश चंद्र ने बताया की सबसे अधिक नुकसान तटबंध किनारे वाले खेतों को होता है। जहां तटबंध टूटता है, वहां पानी का बहाव तेज होने के कारण अधिक मात्रा में रेत खेत में एकत्र हो जाती है। अगर पहले से ही किनारे को ठीक से मरम्मत करा दिया जाता तो समस्या नहीं होती। लुठहवा गांव के मोहन ने बताया कि महाव को लेकर हर साल नेता राजनीति करते हैं। लेकिन समस्या दूर होने के बजाय हर साल बढ़ती जाती है। जनता को हित को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। यही कारण है की मोटी रकम खर्च होने के बाद भी तटबंध हर साल टूट जाता है। बीते 13 साल में गौर करें तो करीब 30 बार टूटा होगा। बरगदवा गांव के धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि अधिकारी मरम्मत कराने के नाम पर रकम हड़प लेते हैं। काम बेहद निम्न स्तर का कराया जाता है। इस वजह से किनारे पानी का दबाव सहन नहीं कर पाते हैं।
सिंचाई खंड दो अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि वर्तमान में महाव तटबंध ठीक है। टूटे हुए स्थान को ठीक करा दिया गया है। जल स्तर पर नजर रखने के साथ ही सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है।




