मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी का सख्त संदेश, कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं
मोहर्रम और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा, गोकशी, तस्करी और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी की अध्यक्षता की। बैठक में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, जन शिकायतों की समीक्षा तथा आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और मोहर्रम को लेकर सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।
बैठक में एसपी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और संवेदनशील मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
मोहर्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पिछले 10 वर्षों की घटनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों की पहचान की जाए तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी ताजिया जुलूस पारंपरिक मार्गों एवं निर्धारित समय के अनुसार ही संपन्न कराए जाएं।
उन्होंने विशेष रूप से ताजियों की ऊंचाई और डीजे के उपयोग को नियंत्रित रखने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि विद्युत तारों के संपर्क में आने से होने वाली दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए थाना प्रभारी जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करें तथा विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी प्रकार की नई ताजिया स्थापित न होने दी जाए। यदि ऐसी कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसका सत्यापन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने जनपद में गोकशी एवं पशु तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में गोकशी या पशु तस्करी से जुड़ी गतिविधि पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही खाद (फर्टिलाइजर) की तस्करी पर भी प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए।
अपराध समीक्षा के दौरान लंबित विवेचनाओं, ई-समन की तामील तथा 1076 पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया गया। एसपी ने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि वे विवेचनाओं में गुणवत्ता बनाए रखते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
जनपद में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थलों पर नियमित रूट मार्च, हिस्ट्रीशीटरों और जेल से रिहा अपराधियों की सतत निगरानी तथा सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि उनकी कार्यकुशलता और मेरिट के आधार पर ही जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार, अवैध वसूली अथवा धन उगाही से संबंधित शिकायतों पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गोष्ठी के अंत में एसपी ने चोरी, पशु अपराध, सांप्रदायिक तनाव और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश देते हुए सभी अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।




