बुद्ध पूर्णिमा पर दिखेगा ‘माइक्रो मून’, 1 मई को चांद दिखेगा छोटा
मई में दो पूर्णिमाएं—पहली फ्लावर माइक्रो मून, दूसरी होगी दुर्लभ ‘ब्लू मून’

गोरखपुर/महराजगंज।(न्यूज पैच)। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर 1 मई 2026 को आकाश में एक खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दिन पूर्णिमा का चंद्रमा ‘माइक्रो मून’ के रूप में दिखाई देगा, जो सामान्य पूर्णिमा की तुलना में आकार में थोड़ा छोटा और कम चमकीला नजर आएगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, यह घटना तब होती है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी से अपनी कक्षा के सबसे दूर बिंदु (अपोजी) के पास होता है। इस कारण चंद्रमा लगभग 12 से 15 प्रतिशत तक छोटा दिखाई देता है।
उन्होंने बताया कि 1 मई की रात लगभग 10:53 बजे माइक्रो मून का चरम समय रहेगा। हालांकि, यह चंद्रमा शाम से ही दिखाई देना शुरू हो जाएगा और पूरी रात आकाश में नजर आएगा।
खास बात यह है कि मई 2026 में एक ही महीने में दो पूर्णिमाएं देखने को मिलेंगी। पहली 1 मई को ‘फ्लावर माइक्रो मून’ और दूसरी माह के अंत में ‘ब्लू मून’ के रूप में दिखाई देगी। जब एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होती है, तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है।
खगोलविदों के अनुसार, माइक्रो मून और सुपर मून का अंतर चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी पर निर्भर करता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है तो वह बड़ा (सुपरमून) दिखाई देता है, जबकि दूर होने पर छोटा (माइक्रो मून) दिखता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक दृश्य खगोलीय घटना है, जिसका पृथ्वी पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता। आम लोग इसे अपनी खुली आंखों से आसानी से देख सकते हैं, जबकि दूरबीन या टेलीस्कोप से इसका दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे इस खगोलीय घटना का आनंद लें और विज्ञान को समझने की दिशा में आगे बढ़ें।




