यूपीएस रतनपुरवा में धूम धाम से मनाया गया मीना दिवस, छात्राओ के शिक्षा, स्वास्थ्य पोषण व सुरक्षा पर दिया गया जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। मीना मंच यूनीसेफ, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की बालिका सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण योगदान है, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, हर साल 24 सितंबर को मीना दिवस मनाया जाता है।मीना मंच, लड़कियों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता , नेतृत्व क्षमता संवर्धन का खुला मंच है।
इस मंच के ज़रिए लड़कियों को आत्मविश्वासी, साहसी, और स्वभिमानी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उक्त बातें उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनपुरवा, पनियरा की सुगम कर्ता मधुलिका दूबे ने मीना दिवस के अवसर पर बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर शिक्षक वरेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में मीना मंच की समिति का गठन होता है। मीना मंच के नेतृत्व के लिए कक्षा 6,7,8 से एक एक बालिका को पावर एंजिल चुना जाता है और छात्राओं की समस्याओं को सुना जाता है और उनका समाधान किया जाता है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक त्रिलोकी नाथ प्रजापति ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से राज्य में लड़कियों के मीना की बालिकाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है बच्चों में जागरूकता बढ़ाने तथा लिंग के आधार पर बालक – बालिका में समानता के उद्देश्य से यूनिसेफ द्वारा “मीना” का पहला कदम 1990 में विकसित किया गया । जनपद मास्टर ट्रेनर व सहायक अध्यापक वरेश कुमार ने बताया कि इस अवसर पर पावर एंजेल मुस्कान, पारो, रीतू ने मीना मंच अध्यक्ष अंशिका, सचिव गुड़िया, कोषाध्यक्ष खुशी व अन्य सदस्यों के साथ सर्वप्रथम केक काटा व कक्षा 5, 6,7 व 8 के सभी बच्चों को वितरित किया।
तत्पश्चात् अध्यक्ष अंशिका ने ‘दुनिया में बेटी ना होगी तो बहु कंहा से लाओगे’ गीत व कक्षा 5 की छात्राओं तृषा, उजाला, कंचना, साक्षी, लल्ली, अंजलि ने बहुत ही सुंदर प्रस्तुति ‘बेटी हू मैं बेटी मैं तारा बनूंगी’ प्रस्तुत किया। उसके उपरांत वरेश कुमार ने मीना मंच के उद्देश्यों को सबके समक्ष सहायक शिक्षण सामग्री से बताया और स्मार्ट टी वी पर ‘मीना चली स्कूल की ओर’ फिल्म दिखाकर चर्चा किया। अंत में बच्चों ने मीना के विभिन्न उद्देश्यों पर पोस्टर बनाया।




