डीएम ने छात्रों से किया प्रेरक संवाद, बोले- असफलता अंत नहीं, सफलता की राह का एक पड़ाव
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर साझा किए अनुभव, विद्यार्थियों को अनुशासन और निरंतर मेहनत का दिया मंत्र

महराजगंज।(न्यूज पैच)। डॉ. बी.आर. अंबेडकर महाविद्यालय में गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने छात्र-छात्राओं से प्रेरक संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक उन्नति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर कैरियर निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संवाद में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
लक्ष्य तय कर योजनाबद्ध तैयारी पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से उनके कैरियर लक्ष्य जाने और उनकी तैयारियों के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए सबसे पहले स्पष्ट लक्ष्य तय करना और उसके अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करना जरूरी है।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी के अनुभव और अपनाई गई रणनीतियों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इससे छात्रों को कठिन परीक्षाओं की तैयारी को लेकर व्यावहारिक मार्गदर्शन मिला।
‘असफलता अंत नहीं, एक पड़ाव है’
विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता के कारण होने वाले तनाव और उससे निपटने के उपायों को लेकर जिलाधिकारी से सवाल किए। डीएम ने कहा कि असफलता सफलता की राह में एक पड़ाव है, अंतिम परिणाम नहीं।
उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपना शत-प्रतिशत प्रयास करना चाहिए और परिणाम की चिंता करने के बजाय अपनी तैयारी को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
भटकाव से दूर रहकर लक्ष्य पर करें फोकस
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में मौजूद विभिन्न प्रकार के भटकाव से बचने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन, निरंतरता, परिश्रम और आत्मविश्वास सफलता की बुनियाद हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी कमजोरियों को पहचानकर ईमानदारी से उन पर काम करने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से आगे बढ़ सकता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समाचार पत्र पढ़ने की सलाह
डीएम ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र और पत्रिकाएं पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में होने वाली घटनाओं की जानकारी रखना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहद उपयोगी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य अध्ययन और समसामयिक घटनाओं को अपनी नियमित अध्ययन दिनचर्या का हिस्सा बनाने को कहा।
‘हर काम में अपना शत-प्रतिशत दें’
जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। व्यक्ति जिस भी क्षेत्र को चुने, उसमें पूरी ईमानदारी, लगन और मेहनत के साथ अपना शत-प्रतिशत योगदान देना चाहिए। निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ सफलता हासिल की जा सकती है।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी के अनुभवों और विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। छात्र-छात्राओं ने संवाद को कैरियर निर्माण की दृष्टि से उपयोगी और प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयास की भावना को मजबूत करना रहा।




