3 अगस्त को चंद्रमा के सबसे करीब दिखाई देगा शनि ग्रह, रातभर रहेगा मनमोहक खगोलीय नजारा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। खगोल प्रेमियों के लिए 3 अगस्त 2026 की रात एक विशेष अवसर लेकर आ रही है। इस दिन चंद्रमा और शनि ग्रह पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के अत्यंत निकट दिखाई देंगे। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को “क्लोजेस्ट अप्रोच (Closest Approach)” या समीपतम दूरी कहा जाता है। यह जानकारी खगोलविद अमर पाल सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि यह केवल दृष्टिगत निकटता होती है। वास्तविकता में चंद्रमा और शनि ग्रह के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है, लेकिन पृथ्वी से देखने पर दोनों एक-दूसरे के बेहद पास दिखाई देते हैं।
रात 10 बजे से भोर तक देख सकेंगे दृश्य
खगोलविद के अनुसार यह खगोलीय दृश्य 3 अगस्त की रात लगभग 10 बजे से दिखाई देना शुरू होगा और 4 अगस्त की भोर तक देखा जा सकेगा।
किस दिशा में देखें?
चंद्रमा और शनि ग्रह पूर्वी आकाश में दिखाई देंगे। रात बढ़ने के साथ दोनों धीरे-धीरे दक्षिणी आकाश की ओर बढ़ते नजर आएंगे।
मीन तारामंडल में दिखेगा नजारा
यह अद्भुत दृश्य मीन (Pisces) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगा। यदि मौसम साफ हो और प्रकाश प्रदूषण कम हो, तो इसे आसानी से देखा जा सकता है।
नंगी आंखों से भी होगा दर्शन
अमर पाल सिंह ने बताया कि इस घटना को देखने के लिए किसी विशेष दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता नहीं है। सामान्य आंखों से भी चंद्रमा और शनि ग्रह को एक साथ देखा जा सकता है। हालांकि, यदि किसी के पास दूरबीन या टेलीस्कोप है तो वह चंद्रमा के गड्ढों (क्रेटर्स) और शनि के प्रसिद्ध छल्लों (Rings) का भी सुंदर दृश्य देख सकता है।
दोनों की चमक कितनी होगी?
- चंद्रमा का मैग्नीट्यूड: लगभग -11.08
- शनि ग्रह का मैग्नीट्यूड: लगभग +0.62
इन दोनों की चमक इतनी होगी कि साफ मौसम में इन्हें आसानी से देखा जा सकेगा।
वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि इस प्रकार की खगोलीय घटनाएं हमें ब्रह्मांड में ग्रहों और उपग्रहों की गति एवं उनकी कक्षाओं को समझने का अवसर देती हैं। ऐसे अवलोकन वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हैं और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि विकसित करते हैं।
उन्होंने खगोल प्रेमियों से अपील की कि यदि मौसम अनुकूल रहे तो इस मनमोहक खगोलीय दृश्य का अवश्य अवलोकन करें।




