मिशन वात्सल्य योजनाओं की समीक्षा, बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा पर दिया गया जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित योजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने की। इस दौरान प्रोबेशन एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र बच्चों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बाल संरक्षण इकाई, वन स्टॉप सेंटर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों का संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमानाथ राय ने बैठक में बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से विकास खंड एवं ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जो बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही हैं।
उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध संघर्षरत बच्चों के मामलों का निस्तारण बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है।
बैठक में विभागीय योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के अंतर्गत जनपद की 198 बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 1,430 बच्चों को सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से 67 बच्चों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जनपद की 44,962 बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिशन वात्सल्य का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, श्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, एएचटीयू प्रभारी सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, वन स्टॉप सेंटर, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष दत्तक ग्रहण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, हब फॉर इम्पावरमेंट तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




