राजस्व वसूली और सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग को लेकर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में राजस्व वसूली, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा सीएम डैशबोर्ड पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मंडी समिति, खाद्य एवं औषधि प्रसंस्करण, खाद्य पदार्थ, गन्ना भुगतान, डूडा आवास, पीएम स्वनिधि योजना, कृषि एवं गैर-कृषि भूमि संबंधी मामलों, अधिवास एवं आय-जाति प्रमाण पत्रों के निस्तारण, राजस्व वादों, एंटी भू-माफिया अभियान, मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना बीमा, खनन, स्टाम्प, एआरटीओ एवं आईजीआरएस सहित विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों के लक्ष्य पुनः निर्धारित किए जाने हैं, वे तत्काल आवश्यक कार्यवाही कर लक्ष्य तय करें ताकि आगामी बैठक में प्रगति का सही मूल्यांकन किया जा सके।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वसूली कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखें ताकि जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को चेतावनी देते हुए कहा कि समीक्षा बैठकों में अनावश्यक अनुपस्थिति गंभीरता से ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनपद की मंडी समितियों का नियमित निरीक्षण करें तथा यदि मंडी सचिवों की ओर से किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जांच रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आबकारी अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की सख्त समीक्षा और स्पष्ट निर्देशों से यह संकेत मिला कि प्रशासन अब विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग को लेकर और अधिक गंभीर रुख अपनाने जा रहा है।




