लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश, डीएम ने ग्राम पंचायत सचिवों को दी सख्त चेतावनी

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिला पंचायतीराज विभाग की वर्ष 2018-19 से वर्ष 2023-24 तक की लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित ऑडिट प्रस्तरों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को समयबद्ध ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि वर्ष 2018-19 से वर्ष 2023-24 तक के समस्त लंबित ऑडिट प्रस्तरों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक सचिव के लिए प्रति सप्ताह कम से कम पांच प्रस्तरों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनुपालन आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को भी निर्देशित किया कि जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से भेजे जा रहे प्रस्तरों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए समयबद्ध आख्या उपलब्ध कराई जाए, ताकि लंबित मामलों का निस्तारण तेजी से किया जा सके।
बैठक में सर्वाधिक लंबित ऑडिट प्रस्तरों वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर विशेष रूप से नाराजगी जताई गई। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव हेमंत कुमार के 20, ऋषिकेश पटेल के 17, बाबूलाल के 17, विवेक कुमार पटेल के 11 तथा रामनाथ के 11 लंबित प्रस्तरों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति जारी कर अगली बैठक में तुलनात्मक समीक्षा की जाए, ताकि प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके और जवाबदेही तय हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया पांडेय सहित सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।




