जिला कारागार का निरीक्षण, बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और त्वरित न्याय दिलाने पर जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को समयबद्ध एवं प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में मंगलवार को विशेष निरीक्षण किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देश पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) की टीम के साथ जिला कारागार का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सेवाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार में निरुद्ध विचाराधीन एवं अन्य बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, लंबित मुकदमों की स्थिति, पात्र बंदियों को अधिवक्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था तथा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम की कार्यप्रणाली का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और उनके मुकदमों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बंदियों को आश्वस्त किया कि आर्थिक अभाव या अन्य किसी कारण से कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निःशुल्क अधिवक्ता, विधिक परामर्श तथा आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम से जुड़े अधिवक्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक पात्र बंदी के प्रकरण की नियमित समीक्षा करें, न्यायालयों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें तथा जमानत योग्य मामलों में समयबद्ध कार्रवाई करते हुए पात्र बंदियों को शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बंदियों के मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और प्रत्येक मुकदमे की लगातार निगरानी की जाए।
कारागार प्रशासन के साथ आयोजित बैठक में बंदियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए। साथ ही भविष्य में जिला कारागार में नियमित निरीक्षण, विधिक जागरूकता शिविर और कानूनी साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया गया, ताकि बंदियों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की समुचित जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक बी.के. गौतम, प्रभारी जेलर रत्ना सिंह, डिप्टी जेलर अविनाश, राम उग्गन, जेल चिकित्सक डॉ. श्याम बाबू सहित जिला कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बंदियों के हितों की रक्षा और उन्हें समय पर न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।




