आपदा प्रभावित गांवों में क्षति का आकलन शुरू, 72 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश
महराजगंज के शिकारपुर, भोतहा और सोहगीबरवा में पीडीएनए के तहत स्थलीय निरीक्षण, पुनर्निर्माण और आवश्यक सेवाओं की बहाली पर रहेगा जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का आकलन कर पुनर्बहाली एवं पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर ग्राम शिकारपुर, भोतहा और सोहगीबरवा में पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) के तहत स्थलीय निरीक्षण और क्षति आकलन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिसंपत्तियों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अगले 72 घंटे के भीतर विभागवार क्षति आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
भवनों से लेकर बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं तक का होगा आकलन
क्षति आकलन के लिए स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, सिंचाई, विद्युत, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राजस्व और पंचायती राज विभाग सहित संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थलीय सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
आकलन में भवनों एवं अन्य परिसंपत्तियों को हुई संरचनात्मक क्षति के साथ बिजली, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गैर-संरचनात्मक क्षति का भी विवरण तैयार किया जाएगा। इसके अलावा प्रभावित परिसंपत्तियों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए जरूरी कार्यों एवं संसाधनों का आकलन भी किया जाएगा।
तहसील से जिला स्तर तक होगी रिपोर्ट की समीक्षा
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सभी विभाग अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तहसील स्तरीय समिति को उपलब्ध कराएंगे। समिति रिपोर्टों की समीक्षा, सत्यापन और समेकन के बाद उन्हें जिला स्तरीय समिति को भेजेगी। जिला स्तरीय समिति के परीक्षण एवं अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट संबंधित राहत कार्यालय को प्रेषित की जाएगी।
पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए तैयार होगा आधार
पीडीएनए का उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति और पुनर्बहाली की जरूरतों का तथ्यपरक एवं व्यवस्थित आकलन करना है। इसके आधार पर नियमानुसार राहत, क्षतिपूर्ति और पुनर्निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए आधार तैयार किया जाएगा।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और सत्यापित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्बहाली एवं पुनर्निर्माण से जुड़े कार्य नियमानुसार आगे बढ़ाए जा सकें।




