125 दिन का रोजगार, गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : पंकज चौधरी
वीबी-जी राम जी अधिनियम को ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में बताया अहम कदम, ग्राम सभाएं तय करेंगी विकास की प्राथमिकताएं

महराजगंज।(न्यूज पैच)। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और गांवों के समग्र विकास को गति देगा।
शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य गांवों को विकसित भारत-2047 की मजबूत आधारशिला बनाना है। नए कानून के तहत रोजगार के साथ ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे गांवों में लंबे समय तक उपयोगी परिसंपत्तियां तैयार हों। जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका से जुड़े संसाधन और आपदा प्रतिरोधी कार्यों पर विशेष जोर रहेगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पोखर, तालाब, चेकडैम, संपर्क मार्ग, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पक्की नाली, हाट-बाजार, गौशाला, अनाज गोदाम और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य कराए जा सकेंगे। इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में स्थायी विकास कार्य भी होंगे।
कृषि सीजन में 60 दिन तक काम रोकने का प्रावधान
पंकज चौधरी ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को बुवाई और कटाई के प्रमुख सीजन में अधिकतम 60 दिनों तक रोजगार कार्यों को रोकने की अवधि निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। इसका उद्देश्य कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इससे कृषि सीजन में मजदूरों की उपलब्धता और ग्रामीण परिवारों के रोजगार के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
गांव की योजना गांव में ही बनेगी
उन्होंने कहा कि अब ग्राम सभाएं अपने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करेंगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से गांव की विकास योजना स्थानीय स्तर पर तैयार होगी। योजना की निगरानी में जियो-स्पेशल मैपिंग, डिजिटल डैशबोर्ड और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। मजदूरी का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए केंद्र सरकार ने 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्र और राज्यों के अंशदान को मिलाकर कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों से योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने पात्र ग्रामीण परिवारों से पंजीकरण कराने और 125 दिनों की रोजगार गारंटी का लाभ लेने की अपील की। साथ ही कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी से गांवों में रोजगार के साथ विकास की गति भी बढ़ेगी।




