सोनौली आईसीपी के निर्माण में सुस्ती पर डीएम सख्त, अक्टूबर तक पहला फेज पूरा करने का अल्टीमेटम
करीब 447 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा अंतर्राष्ट्रीय चेक पोस्ट, कार्गो-पैसेंजर टर्मिनल समेत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

महराजगंज।(न्यूज पैच)। भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली में विकसित किए जा रहे नव-निर्मित अंतर्राष्ट्रीय चेक पोस्ट (आईसीपी) के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को आईसीपी परिसर के स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और भविष्य की यातायात व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कार्य की धीमी गति पर उन्होंने एलपीएआई के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अक्टूबर माह तक प्रथम फेज का निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परियोजना के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में प्रथम चरण का कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के साथ-साथ निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, मानकों की नियमित जांच के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि परियोजना में होने वाला प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और तकनीकी स्पेसिफिकेशन के अनुरूप ही कराया जाए।
डीएम ने कहा कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और कार्य की तकनीकी निगरानी लगातार जारी रखी जाए। किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री, तकनीकी कमी अथवा अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर गुणवत्ता नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने तथा परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
447 करोड़ की परियोजना में विकसित होंगी कई अत्याधुनिक सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान एलपीएआई के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना के विभिन्न हिस्सों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस महत्वपूर्ण परियोजना में कार्गो टर्मिनल, पैसेंजर टर्मिनल, वेयरहाउस, पार्किंग समेत कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय भवन परिसर में इमिग्रेशन, कस्टम सहित अन्य आवश्यक विभागों के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा भारत और नेपाल के बीच आवागमन करने वाले वाहनों के लिए व्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा लाभ
सोनौली आईसीपी के पूरी तरह क्रियाशील होने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन और सीमा पार व्यापार को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। परियोजना से दोनों देशों के आयातकों और निर्यातकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं भारत-नेपाल आने-जाने वाले पर्यटकों के लिए भी सीमा पार आवागमन अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक हो सकेगा।
कार्गो और यात्री वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित किए जाने से सीमा पर यातायात प्रबंधन को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की संभावना है।
एसडीएम को नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौतनवा को निर्देशित किया कि आईसीपी के निर्माण कार्य की नियमित रूप से स्थलीय निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता और संभावित अनियमितताओं पर भी नजर रखी जाए तथा किसी भी महत्वपूर्ण स्थिति की जानकारी समय-समय पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
डीएम के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी, उपजिलाधिकारी नौतनवा तथा एलपीएआई के अधिकारी मौजूद रहे।
अब निगाह अक्टूबर की समयसीमा पर
सोनौली आईसीपी जैसी रणनीतिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण में जिलाधिकारी की सख्ती के बाद अब प्रशासन और कार्यदायी संस्था के सामने अक्टूबर तक प्रथम फेज पूरा करने की चुनौती है। निरीक्षण में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बाद आने वाले दिनों में परियोजना की प्रगति और निर्माण गुणवत्ता पर प्रशासन की निगरानी और तेज होने की उम्मीद है।




