18 वर्षों से सेवा दे रहे ग्राम रोजगार सेवकों ने उठाई नियमितीकरण की मांग, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज।(न्यूज पैच)। ग्राम रोजगार सेवकों ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को ज्ञापन सौंपकर अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। रोजगार सेवकों का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत पिछले 18 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में योजना का स्वरूप बदलकर “VBG RAM G” किए जाने के बाद भी उनके कार्यों का दायरा लगातार बढ़ा है, लेकिन सेवा सुरक्षा, मानदेय और अन्य सुविधाओं को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवकों से मनरेगा के अलावा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में भी नियमित रूप से कार्य लिया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही समय से भुगतान हो पा रहा है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि अतिरिक्त कार्यों को देखते हुए उनका मासिक मानदेय बढ़ाकर 35 हजार रुपये किया जाए तथा इसके लिए अलग से वित्तीय बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
ग्राम रोजगार सेवकों ने शासनादेश संख्या 73/38-7002(099)/143/2019 दिनांक 18 मार्च 2024 का पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से अनुपालन कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि मृतक ग्राम रोजगार सेवकों के आश्रितों को सेवा में समायोजन का लाभ केवल कुछ जनपदों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से लागू किया जाए। इससे मृतक रोजगार सेवकों के परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके आश्रितों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लगातार 18 वर्षों से सेवा दे रहे ग्राम रोजगार सेवकों को विनियमित करते हुए सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से लगातार सेवाएं देने के बावजूद आज भी उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2021 में लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम रोजगार सेवकों के लिए घोषित एचआर पॉलिसी सहित अन्य घोषणाओं को तत्काल लागू करने की मांग की।
रोजगार सेवकों ने डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को उच्च गुणवत्ता का मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि डिजिटल मस्टर रोल, ऑनलाइन उपस्थिति एवं अन्य तकनीकी कार्यों के लिए आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता है, जिसके बिना कार्यों का सुचारु संचालन कठिन हो रहा है।
ग्राम रोजगार सेवकों ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से आग्रह किया कि वे उनकी मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रमुखता से रखते हुए शीघ्र समाधान कराने की पहल करें। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सेवकों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी और अधिक प्रभावशीलता आएगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद,राजेश कुमार प्रजापति, राजेंद्र प्रसाद, पवन कुमार, रामकेश्वर रैना, राजकमल प्रजापति, दिलजीत, हेतादुल्ला, प्रेम कुमार, गोविंद लाल, मनोज गौतम, प्रमोद, नागेंद्र चौधरी, राकेश कुमार, सुभाष,ओमप्रकाश सिंह, अम्बिका प्रसाद,विनोद कुमार बर्मा, मुराली पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक शामिल रहे।




