नवाचारपूर्ण शिक्षण से संभव है सशक्त विद्यार्थी का निर्माण : डा . एस.पी. सिंह

सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। चौक नगर पंचायत में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ पी.जी. कॉलेज, दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज एवं दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज के शिक्षकों के लिए वार्षिक योजना बैठक के अंतर्गत अभिविन्यास कार्यक्रम पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस दौरान कार्यशाला में शिक्षकों के अभिविन्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के वरिष्ठ सदस्य डा . शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि संस्था समितियों के द्वारा प्रार्थना सभा, अनुशासन, वित्तीय प्रबंधन, पाठ्यक्रम योजना, पाठ्येतर गतिविधि, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरातन छात्र परिषद के साथ ही शिक्षा गुणवत्ता को प्रभावशाली बनाए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि अपने प्रेरणास्रोतों एवं मार्गदर्शकों का अनिवार्य रूप से स्मरण करना चाहिए क्योंकि उनके विचार तथा अनुभव सदैव प्रेरणा का कार्य करते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता के साथ ही प्रलय और सृजन का कारक भी है।
समितियों को सदैव योजनाबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए तथा शिक्षक लोक कल्याण के साथ ही सृजन की क्षमता को विकसित कर साधना, तपस्या, धर्म, संस्कृति एवं सदाचार के साथ शैक्षिक कर्तव्य का अनुपालन भी सुनिश्चित करें। जीवन को सही दिशा एवं वातावरण के साथ परिवर्तन करते रहें क्योंकि बहता हुआ जल तथा उगता हुआ सूर्य सदैव ऊर्जा का स्रोत होता है। परिवर्तन सदैव अपने कार्यपद्धति में दिखाएं क्योंकि उसी में जीवंतता है। आगे उन्होंने कहा कि शिक्षक अनुसंधान और सृजनात्मकता के साथ शैक्षिक वातावरण को प्रभावित बना सकते हैं। कौशल विकास आधारित शिक्षा को विषय के साथ समन्वय कर गतिशीलता प्रदान करें।
संस्था में संचालित कौशल विकास केंद्र में नए कोर्स को विकसित कर छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने कहा कि कार्यपद्धति में क्रमिक अल्प परिवर्तन आश्चर्यजनक सकारात्मक परिणाम देता है इसलिए अपने व्यक्तित्व को छोटे-छोटे आदतों के साथ पर्याप्त महत्त्व दें। अच्छे एवं ऊर्जा से पूर्ण व्यवहार को आदत में लायें, नकारात्मक आदत प्रत्येक कार्य को करने से पहले बाधक का कार्य करता है। विद्यार्थी के करियर, जीवन शैली तथा भविष्य को संवारने के साथ ही उनके व्यक्तित्व के अनुसार पाठ्येतर गतिविधि में नवाचार को ग्रहण कर क्षमता का विकास करें। समितियों के शिक्षक अपनी वार्षिक योजना तय करें ।
इस कार्यशाला में प्रधानाचार्य डा. हरिन्द्र यादव, प्रधानाचार्या सपना सिंह, डा. राकेश कुमार तिवारी एवं डा . मनीषा त्रिपाठी के साथ ही तीनों संस्थाओं के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रमोद कुमार मौर्य




