फर्जी दस्तावेजों के जरिए साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, नकदी समेत कई अहम दस्तावेज बरामद

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में साइबर अपराध और आर्थिक ठगी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर साइबर ठगी करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और करीब 65 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों की रोकथाम और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए जौनपुर निवासी अब्दुल बशर को हैवेली ढाबा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी थाना कोतवाली में दर्ज मु.अ.सं. 305/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत वांछित चल रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान उसकी तलाशी लेने पर एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन तथा 64,940 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद सभी सामान को पुलिस ने नियमानुसार कब्जे में लेकर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था या उसके साथ कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय है। साथ ही बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कर साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अब्दुल बशर (45 वर्ष) पुत्र रईस अहमद, निवासी ग्राम लपड़ी, थाना सरायख्वाजा, जनपद जौनपुर के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया।
इस कार्रवाई को थाना कोतवाली के निरीक्षक श्याम निवास राय, उपनिरीक्षक विजय कुमार गौड़, उपनिरीक्षक अंकित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल बृजेंद्र यादव, कांस्टेबल प्रदीप प्रजापति, आरक्षी आकाश भारती एवं शुभम सिंह की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि साइबर ठगी का कोई मामला सामने आए तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।




