अनजान लिंक पर क्लिंक, एक झटके में खाता खाली
जनवरी में हुई जालसाजी तो जुलाई में पीड़ित को मिली रकम, खाते में रकम आने में लगे करीब छह माह

महराजगंज (न्यूज पैच ब्यूरो)। साइबर अपराधी रकम ठगने के लिए तरह तरह के हथकंडे़ अपना रहे हैं। पीड़ितों की ओर से त्वरित शिकायत मिलने पर साइबर रकम वापस करने में मदद कर रहा है। बृहस्पतिवार को 9,860 रुपये पीड़ित को खाते में वापस कराया गया। पीडित को रकम दिलाने में करीब छह माह का वक्त गुजर गया। साइबर सेल की ओर से लोगों को जागरूक करने के साथ ही अनजान लिंक को अनदेखा करने का अनुरोध किया जा रहा है। छोटी सी चूक लोगों को मुश्किल में डाल देती है।
चौक थाना क्षेत्र के बेलभरिया गांव के रहने वाले उदयभान करीब छह माह पहले साइबर ठगी के शिकार हो गए। छह जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक लिंक आया। उसके निचे लिखा था की टीवी, फ्रीज समेत अन्य सामान लेने पर छूट मिलेगा। बकायदा कंपनी का नाम लिखकर गुमराह किया था। उदभान झांसे में आकर ज्योंही लिंक पर क्लिक किए त्योहीं जालसाज के जाल में फंस गए। क्लिक करने के बाद एक के बाद एक सूचनाएं भरने को कहा गया। इसके बाद उदयभान की ओर से क्रमश: सभी जानकारी दर्ज कर दी गई। अंत में ओटीपी आया तो उसे खाली स्थान पर दर्ज करने को कहा गया। उदयभान ने ओटीपी दर्ज कर दी। करीब एक घंटे के बाद खाते से रकम कट गया। 9,860 रुपये का संदेश आया। यह देखकर वह परेशान हो गए। आस पास के लोगों से जानकारी ली तो पता चला की साइबर ठगी हो गई है। उन्होंने बगैर देरी किए सीधे साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। टीम की ओर से जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद जालसाजों पर शिकंजा कसा गया। एक एक बाद एक जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में छह माह गुजर गया। 2 जुलाई को उदयभान के खाते में साइबर सेल ने रकम वापस कराने में सफलता हासिल की। उन्होंने साइबर सेल के प्रति अभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि लालच में आने के कारण यह गड़बड़ी हो गई। किसी को भी झांसे में आने की जरूरत नहीं है।
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस की ओर से 1930 साइबर हेल्पलाइन एवं पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक से तत्काल समन्वय स्थापित किया गया। पुलिस की तत्परता एवं समयबद्ध कार्रवाई के फलस्वरूप पीड़ित के बैंक खाते में 9,860 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई।




