महाराजगंज साइबर क्राइम थाना की बड़ी कार्रवाई: फर्जी APK फाइल भेजकर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार, महाराष्ट्र के व्यक्ति से 4.40 लाख रुपये की ठगी का खुलासा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल और बैंक खातों को हैक कर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मिले तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की जांच के आधार पर महाराष्ट्र निवासी एक व्यक्ति से 4.40 लाख रुपये की साइबर ठगी का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी सिद्धार्थ के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में संचालित विशेष अभियान के दौरान की गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और एटीएम गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।
ऐसे देते थे साइबर ठगी को अंजाम
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम से भी विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को आरटीओ चालान, गैस कनेक्शन केवाईसी अपडेट, पीएम किसान योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजी जाती थी।
जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड करता था, उसके मोबाइल का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच जाता था। इसके बाद मोबाइल में मौजूद बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से लाखों रुपये निकाल लिए जाते थे। पुलिस का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है, क्योंकि पीड़ित को लंबे समय तक ठगी का एहसास भी नहीं हो पाता।
महाराष्ट्र के व्यक्ति से 4.40 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को महाराष्ट्र निवासी बलराम राजभर से हुई साइबर ठगी का भी पता चला। आरोपियों ने गैस कनेक्शन की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर उन्हें फर्जी एपीके फाइल भेजी थी। फाइल डाउनलोड करते ही उनके बैंक खाते से 4 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। ठगी की रकम पहले विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और बाद में एईपीएस (AEPS) तथा एटीएम के माध्यम से निकाल ली गई।
तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में निचलौल थाना क्षेत्र के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
– निकेश पुत्र नरेंद्र, निवासी बैदौली टोला छोटकी बारी, थाना निचलौल।
– मिथुन पुत्र छोटेलाल, निवासी बैदौली टोला बनरहिया, थाना निचलौल।
दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
आमजन को पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह
महराजगंज पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से प्राप्त APK फाइल, संदिग्ध लिंक या केवाईसी अपडेट संबंधी संदेशों पर भरोसा न करें। मोबाइल एप केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें तथा किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति साझा न करें।
यदि भूलवश कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद करें, अपने बैंक खाते को सुरक्षित कराएं और बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि डिजिटल युग में थोड़ी सी सावधानी ही ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला रही है, वहीं लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।




