49 उपकेंद्रों पर महज 33 एएनएम तैनात
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षात्मक ब्लाक मिठौरा का हाल , सूचकांक के हिसाब से नहीं हो पा रहा है स्वास्थ्य कार्य

सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षात्मक ब्लाक मिठौरा में कल 49 उप केंद्र संचालित है और 49 एएनएम के सापेक्ष मात्र 33 एएनएम तैनात है, बाकी अन्य एएनएम केंद्र पर एएनएम का पद रिक्त है। इससे टीकाकरण सहित अन्य कार्य काफी दिनों से प्रभावित हो रहा है और आकांक्षात्मक ब्लॉक की सूचकांक के अनुसार कार्य नहीं हो पा रहा है। एएनएम की तैनाती के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के अधीक्षक द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कई बार पत्राचार किया जा चुका है, बावजूद इसके आज तक यहां पर एएनएम की तैनाती नहीं हुई है।
इस दौरान विकास खण्ड मिठौरा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और स्टाफ की कमी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक के 49 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल 33 एएनएम तैनात हैं, जबकि 16 उपकेंद्र बिना एएनएम के ही संचालित हो रहे हैं। इससे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव संबंधी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुसार प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र पर कम से कम एक एएनएम की तैनाती जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते कई एएनएम को दो-दो केंद्रों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।
ऐसे में गांवों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं देना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि कई गांवों में सप्ताह में केवल एक दिन ही टीकाकरण हो पा रहा है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए पांच से सात किलोमीटर दूर दूसरे केंद्रों तक जाना पड़ रहा है। वहीं संस्थागत प्रसव का लक्ष्य भी प्रभावित हो रहा है। आशा कार्यकर्ताओं पर भी अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ गया है। एक एएनएम द्वारा दो केंद्रों का काम संभालने में काफी दिक्कत होती है। फील्ड विजिट, टीकाकरण और रजिस्टर संबंधी काम एक साथ पूरा कर पाना मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था के कारण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई बार छोटे-छोटे इलाज के लिए भी दूर जाना पड़ता है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर नवनाथ प्रसाद ने कहा कि रिक्त पदों की जानकारी शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से जैसे ही एएनएम जिले को आवंटित होगी, उन्हें तत्काल जहां एएनएम की संख्या कम है वहां पर तैनात किया जाएगा।
प्रमोद कुमार मौर्य




