महाराजगंज में बाढ़ मॉक ड्रिल-2026 का सफल आयोजन, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ व्यापक प्रदर्शन

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA), लखनऊ के निर्देशन में जनपद महराजगंज में गुरुवार को व्यापक स्तर पर “बाढ़ मॉक ड्रिल-2026” का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली की वास्तविक तैयारी का परीक्षण करना था।
जनपद की चारों तहसीलों में अलग-अलग परिदृश्यों के आधार पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहां आपदा की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एनडीआरएफ, पीएसी फ्लड टीम, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, अग्निशमन समेत कई विभागों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
डोमरा में जलमग्न गांवों से रेस्क्यू का प्रदर्शन
तहसील सदर अंतर्गत ग्राम पंचायत डोमरा में व्यापक बाढ़ एवं गांवों के चारों ओर से जलमग्न हो जाने की स्थिति को दर्शाया गया। यहां बाढ़ में फंसे लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री वितरण तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास संबंधी कार्यवाही का प्रदर्शन किया गया।
फरेंदा में राहत शिविर और फील्ड अस्पताल की व्यवस्था
तहसील फरेंदा स्थित जयपुरिया कॉलेज परिसर में राहत शिविर, बाढ़ चौकी एवं अस्थायी फील्ड अस्पताल स्थापित कर आपदा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं का अभ्यास कराया गया। इस दौरान भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
निचलौल में नाव दुर्घटना पर बचाव अभियान
तहसील निचलौल के ग्राम गेरहवन में नाव पलटने की काल्पनिक घटना के तहत खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। एनडीआरएफ एवं फ्लड टीम के जवानों ने पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा अस्पताल पहुंचाने की कार्यवाही का लाइव प्रदर्शन किया।
नौतनवा में ध्वस्त अवसंरचना के बीच राहत कार्य
तहसील नौतनवा परिसर में बाढ़ के कारण अवसंरचना ध्वस्त होने की स्थिति को दर्शाते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के जरिए राहत पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र (DEOC) को सक्रिय रखते हुए Incident Response System (IRS) के तहत सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ गोरखपुर, पीएसी फ्लड टीम, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं अग्निशमन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से आपदा प्रतिक्रिया संबंधी कार्यों का सफल संचालन किया।
जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि सभी परिदृश्यों में प्रभावित व्यक्तियों का सुरक्षित एवं त्वरित रेस्क्यू किया गया तथा राहत एवं बचाव कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न हुए।
मॉक ड्रिल के उपरांत शासन स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), महराजगंज द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें प्रत्येक परिदृश्य के निष्पादन, विभागीय समन्वय, संसाधनों के उपयोग एवं प्रतिक्रिया समय की जानकारी साझा की गई। शासन स्तर पर जनपद महराजगंज की तैयारियों और मॉक ड्रिल के सफल संचालन की सराहना की गई।
समापन अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों एवं सहभागी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं। उनके निर्देशन में बाढ़ मॉक ड्रिल-2026 को सफलतापूर्वक संपन्न घोषित किया गया।




