उदयपुर मे जनपद के परिषदीय शिक्षक अरविंद विश्वकर्मा ने बिखेरी चमक,प्रस्तुत की यूपी के सांस्कृतिक विरासत की झलक
राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला मे 17राज्यो के116शिक्षको ने किया प्रतिभाग,यूपी के प्रतिनिधित्व टीम मे शामिल रहे अरविंद

महराजगंज।(न्यूज पैच)। गणित जैसे जटिल विषय को संगीत के माध्यम से आनंदमयी और रोचक बनाने वाले निचलौल क्षेत्र के पीएम श्री स्कूल गिरहिया बंजारीपट्टी के शिक्षक अरविंद विश्वकर्मा ने राजस्थान के उदयपुर मे अपनी शिक्षण का प्रदर्शन कर जनपद का नाम राष्ट्रीय क्षितिज पर रोशन किया।शिक्षा को कला एवं संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से सेंटर फार कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी), उदयपुर में दस दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।इसमे प्रदेशभर के पांच शिक्षक व पांच शिक्षिकाए शामिल रहे.इस कार्यशाला में निचलौल क्षेत्र के पीएम श्री विद्यालय गिरहिया बंजारिपट्टी के शिक्षक अयविंद विश्वकर्मा ने प्रदेश के आठ शिक्षको के साथ उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए कई व्यावहारिक एवं कलात्मक गतिविधियों की प्रस्तुति की।

दस दिवसीय कार्यशाला केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत संचालित सीसीआरटी द्वारा आयोजित की गई। इसमें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी), लखनऊ की और से प्रदेशभर के परिषदीय स्कूलो के दसशिक्षक शिक्षिकाओं का चयन किया गया। इनमें महराजगंज आजमगढ बुलंदशहर लखनऊ हापुड़, शाहजहांपुर और श्रावस्ती जिले के शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल रही। सांस्कृतिक आदान-प्रदान के तहत विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने अपनी क्षेत्रीय लोक कलाओं एवं नृत्य-संगीत के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया।जिले के शिक्षक अरविंद विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश की तरफ से श्री राम जन्मोत्सव पर बधाई गीत एवं उद्धव जी का मथुरा से ज्ञान लेकर आना और गोकुल से गोपिओं का प्रेम लेकर जाने के प्रसंग पर हारमोनियम वादन का प्रदर्शन कर सभी श्रोताओं का मन मोह लिए।कार्यशाला में हस्तशिल्प,लोक कला,क्राफ्ट चाक पर बर्तन बनाना,टाई एंड डाई (बांधनी)शैली के तहत परिधान बनाना,अभिनय करना, गायन एवं वादन सीखा।
समापन के अवसर पर सीआरटी के क्षेत्र अधिकारी श्री अभिक सरकार और प्रशिक्षण कोऑर्डिनेटर हितेश पनारी ने उत्कृष्ट सहभागिता के लिए प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किये।
सीखी हुई गतिविधियों को विद्यालय के विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि बच्चों में कलात्मक सोच और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित हो सके।
परिषदीय शिक्षक अरविंद विश्वकर्मा की उपलब्धियां
बेसिक शिक्षा की प्रगति व बेहतर शिक्षण के लिए अरविंद विश्वकर्मा द्वारा कई उपलब्धिया हासिल की गयी है जिसके तहत सीआरटी नई दिल्ली द्वारिका में “विद्यालयी शिक्षा में हस्तकला का समावेश”का प्रशिक्षण प्राप्त किया।लर्निंग बाय डूइंग प्रशिक्षण के दौरान बीकेटी लखनऊ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निदेशक एल वेंकटेश्वर लू द्वारा सम्मानित हुए,पंचम राज्य स्तरीय कला एवं पेपेट्री प्रतियोगिता एस सी ई आर टी लखनऊ मे (गणित मे द बेस्ट टी एल एम के लिए) बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह द्वारा सम्मानित किया गया,एससीईआरटी लखनऊ द्वारा प्रकाशित उद्गम पोर्टल में तीन नवाचार जिसमे हारमोनियम, कैसियो और ढोलक गायन वादन के साथ संगीत में प्रार्थना कराना,विद्यालय में बागवानी के तहत फूल पत्तियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों को जागरूक करना,काष्ठ कला सीखाना शामिल है।
इसके साथ ही बेसिक बालकीड़ा प्रतियोगिता के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे लोकगीत,राष्ट्रीय एकांकी,को जिले, मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाया।जिला स्तर पर होने वाली टीएलएम,कला एवं पेपेट्री कहानी लेखन,काव्य पाठ इत्यादि प्रतियोगिताओं में अपना विशेष स्थान बनाया।अरविंद विश्वकर्मा देश के मशहूर कवि डा कुमार विश्वास के गीत कोई दिवाना कहता है की धुन पर गणित के सवाल को हल करने की प्रक्रिया को वीडियो मे दर्शाकर देशभर मे मशहूर हुए।




