कृषि विविधीकरण से आय बढ़ाने पर जोर, प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव

महराजगंज।(न्यूज पैच)। कृषि विभाग की ओर से सोमवार को जिले के सभी विकासखंडों में एफपीओ एवं प्रगतिशील कृषक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, एफपीओ प्रतिनिधियों और किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती, मशरूम, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन, दलहन-तिलहन और पराली प्रबंधन पर चर्चा की।
सदर में परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने किसानों से खेतों की सेहत बनाए रखने और प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। निचलौल में उप कृषि निदेशक संजीव कुमार ने किसानों से दलहन-तिलहन की खेती बढ़ाने और तिलहन बीज की ऑनलाइन बुकिंग का लाभ लेने की अपील की।
मिठौरा में कृषि वैज्ञानिक डॉ. सतेन्द्र कुमार ने कृषि विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि फूलों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन से किसानों को अतिरिक्त आय मिल सकती है।
कार्यशाला में किसानों ने अपने सफल अनुभव भी साझा किए। केला, सब्जी, मशरूम, डेयरी, जैविक खेती और फसल चक्र के जरिए आय बढ़ाने के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। किसानों ने एफपीओ के माध्यम से सामूहिक उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
किसानों ने मनरेगा के साथ कृषि कार्यों के अभिसरण, नहरों की सफाई, मेड़बंदी, जल निकासी तथा नीलगाय और बंदरों से फसल क्षति की समस्याएं भी उठाईं। अधिकारियों ने समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष रखकर नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया।




