वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में घिरे पूर्व प्रधान, जांच में मिलीं कई गड़बड़ियां; डीपीआरओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

महराजगंज।(न्यूज पैच)। विकासखंड सिसवा की ग्राम पंचायत चनकौली में सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद पंचायत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान हुई कथित अनियमितताओं की जांच में कई गंभीर तथ्य उजागर होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने निवर्तमान ग्राम प्रधान जयप्रकाश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित अवधि में बिंदुवार स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चनकौली के एक निवासी द्वारा सरकारी धन के दुरुपयोग, विकास कार्यों में अनियमितता तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कई मामलों में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने के बाद पंचायत विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच में सबसे गंभीर मामला प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल निर्माण से जुड़ा मिला। जांच टीम के अनुसार वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत सदस्य के प्रस्ताव पर विद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा चुका था, लेकिन बाद में उसी कार्य को नया निर्माण दर्शाकर दोबारा भुगतान किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। इसे सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में माना जा रहा है।
इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि ग्राम प्रधान द्वारा अपने पुत्रों और पुत्रवधुओं के नाम पर विभिन्न कार्यों में मजदूरी का भुगतान कराया गया। जांच टीम ने इस मामले को भी गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है और इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्राथमिक विद्यालय के हैंडपंप की मरम्मत और संबंधित सामग्री के नाम पर विद्यालय के खाते से हजारों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि भुगतान की प्रक्रिया और कार्यों के संबंध में कई सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों ने इस मामले को भी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही उजागर हुई है। जांच में पाया गया कि बिना समुचित स्थलीय सत्यापन और तथ्यों की पुष्टि किए शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट भेज दी गई, जबकि मौके पर जांच के दौरान कई आरोप सही पाए गए। इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही माना गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने निवर्तमान प्रधान जयप्रकाश यादव को नोटिस जारी करते हुए सभी आरोपों पर बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया तो उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत उनके विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत में सामने आए इस मामले के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग रोका जा सके। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।




