शिक्षक संघ ने बीएसए को सौंपा पांच सूत्रीय मांगपत्र, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति की उठाई मांग

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की जनपद इकाई के पदाधिकारियों ने परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संगठन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विशेष अपील संख्या 652/2024 में 30 अप्रैल 2025 को पारित निर्णय तथा 13 अक्टूबर 2026 के अपर मुख्य सचिव के आदेश के अनुपालन में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की।
शिक्षक संघ ने कहा कि परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए प्रधानाध्यापक की तैनाती आवश्यक है। संगठन के अनुसार, जनपद में वर्तमान समय में उच्च प्राथमिक स्तर के 678 विद्यालय प्रधानाध्यापक विहीन हैं। इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 700 प्रधानाध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1,000 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ऐसी स्थिति में रिक्त पदों पर नियमानुसार पदोन्नति किया जाना आवश्यक है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय, शासनादेशों तथा शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति की कार्यवाही जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहतर हो सकें।
पांच सूत्रीय मांगपत्र में प्रमुख मांगें
शिक्षक संघ ने मांगपत्र के माध्यम से जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के स्वीकृत पदों और रिक्तियों की समीक्षा कर प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके साथ ही प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर सहायक अध्यापकों की वरिष्ठता सूची नियमानुसार तैयार करने और वरिष्ठता सूची बनाते समय विभिन्न भर्तियों के चयन गुणांक, चयन सूची क्रमांक, संबंधित अभिलेखों एवं अन्य साक्ष्यों का मिलान कर सूची प्रकाशित करने की मांग उठाई।
संगठन ने प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों के सापेक्ष सभी पात्र शिक्षकों को वरिष्ठता क्रम में पदोन्नति का अवसर देने की भी मांग की। संघ ने कहा कि यदि कोई शिक्षक पदोन्नति लेने का इच्छुक नहीं है, तो उसके बाद वरिष्ठता क्रम में आने वाले अगले पात्र शिक्षक को पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, दिव्यांग शिक्षकों को पदोन्नति में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेश संख्या का हवाला देते हुए नियमानुसार आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।
शिक्षक संघ ने बीएसए से मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि इससे विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा।




