मिशन शक्ति 5.0 के तहत चौपरिया में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित, महिलाओं को सुरक्षा, अधिकार और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
कोतवाली पुलिस की पहल, महिला अपराधों की रोकथाम, आत्मरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक

महराजगंज।(न्यूज पैच)। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान के तहत रविवार को थाना कोतवाली पुलिस द्वारा ग्राम सभा चौपरिया में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया। महिला पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें कानून, सुरक्षा, आत्मरक्षा और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों जैसे छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा, यौन अपराध और साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही बताया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के तत्काल पुलिस से संपर्क करें और कानून का सहारा लें।
सम्मेलन में हाल के दिनों में किशोरियों के बिना जानकारी दिए घर छोड़ने की बढ़ती घटनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बालिकाओं को ऐसे कदमों से होने वाले सामाजिक, कानूनी और पारिवारिक दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें किसी भी समस्या की स्थिति में अपने परिजनों, शिक्षकों या पुलिस से खुलकर संवाद करने की सलाह दी। अभिभावकों से भी बच्चों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और उनकी गतिविधियों पर सकारात्मक निगरानी रखने की अपील की गई।
महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से पुलिस टीम ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सहित महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों—112 (पुलिस आपातकालीन सेवा), 1090 (विमेन पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 102 और 108 (स्वास्थ्य सेवाएं) तथा साइबर अपराध से संबंधित हेल्पलाइन के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
महिला पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अपराध या उत्पीड़न की शिकायत प्रारंभिक स्तर पर दर्ज कराना बेहद आवश्यक है। समय रहते शिकायत मिलने पर गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है और पीड़ित को शीघ्र न्याय दिलाने में आसानी होती है। उन्होंने महिलाओं से निर्भीक होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और कानून पर विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया।
सम्मेलन के अंत में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अब किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे बिना झिझक हेल्पलाइन सेवाओं और पुलिस की सहायता लेने के लिए आगे आएंगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता और अधिक मजबूत होगी।




