स्थानीय भोजन संस्कृति जलवायु और इतिहास का दर्पण होता है : पूनम सिंह

सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। नगर पंचायत चौक बाजार स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कालेज में भारतीय भाषा समर कैंप- 2026 के चतुर्थ दिवस हेतु प्रस्तावित गतिविधियों के क्रम में स्थानीय व्यंजन मसाला /सब्जियों / फलों के नाम आदि के विषय में पारंपरिक व्यंजनों की जानकारी सरल तैयारी / चित्र एवं वास्तविक सामग्री के माध्यम से शब्दावली विकास संभव है।
उक्त बातें विद्यालय की शिक्षिका पूनम सिंह ने कही। छात्र / छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि स्थानीय व्यंजन और भाषा के बीच गहरा और अटूट संबंध होता है। किसी भी क्षेत्र का भोजन वहां की संस्कृति, जलवायु और इतिहास का दर्पण होता है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सविता सिंह ने कहा कि चित्र और वास्तविक सामग्री के माध्यम से शब्दावली का विकास बहुत ही प्रभावी और स्वाभाविक होता है।
यह विधि सीखने वालों को सीधे अर्थ समझने, शब्दों को लंबे समय तक याद रखने और भाषा में रुचि लेने में मदद मिलती है। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन बिनोद कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षिकाएं,कर्मचारी और अधिकांश छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रमोद मौर्य




