मिशन शक्ति 6.0: संगम बनीं जिला पंचायत राज अधिकारी, साक्षी ने संभाली बीएसए की जिम्मेदारी
फरेंदा की दो छात्राओं को एक दिन के लिए सौंपे गए प्रशासनिक दायित्व, जनसमस्याओं के निस्तारण के दिए निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, फरेंदा की दो छात्राओं को एक दिन के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई। कक्षा 11 की छात्रा संगम को एक दिन का जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), जबकि कक्षा आठ की छात्रा साक्षी को एक दिन का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया गया। इस दौरान दोनों छात्राओं ने जनसमस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
विद्यालय में टाइलीकरण और जलनिकासी की समस्या पर दिए निर्देश
एक दिन की जिला पंचायत राज अधिकारी बनीं संगम ने जनसुनवाई के दौरान विकासखंड नौतनवा के ग्राम नरकटहा स्थित प्राथमिक विद्यालय में टाइलीकरण नहीं होने और जलजमाव की समस्या से संबंधित आवेदन सुना। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम सचिव को विद्यालय में टाइलीकरण कराने तथा गांव में नाली निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने का उद्देश्य है।
इसी गांव से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में मिले आवेदन पर भी संगम ने संबंधित अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर प्रकरण का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मानव संपदा पोर्टल से जुड़ी समस्या सुनी
वहीं, एक दिन की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनीं कक्षा आठ की छात्रा साक्षी ने जनसमस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर के सहायक अध्यापक ने मानव संपदा पोर्टल पर अपना विवरण सक्रिय कराने की मांग रखी। साक्षी ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर प्रकरण के संबंध में अवगत कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने छात्रा को विभागीय अभिलेखों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अधिकारी के दायित्वों की जानकारी दी। साथ ही संबंधित समस्या के निस्तारण में सहयोग भी किया।
बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा
मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने छात्राओं को उपहार भी भेंट किए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस तरह की पहल बालिकाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता पहचानने का अवसर देती है। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर वे भविष्य में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर पहुंचकर समाज और देश की सेवा कर सकती हैं।




