स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में सख्त हुए डीएम, खराब प्रदर्शन पर नोटिस के निर्देश
ई-संजीवनी, आयुष्मान, एनसीडी स्क्रीनिंग और आभा आईडी की प्रगति पर जताई नाराजगी, जवाबदेही तय करने के निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गति देने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयुष्मान भारत योजना, ई-संजीवनी, एनसीडी स्क्रीनिंग, आभा आईडी, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
बैठक में ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ चिकित्सा अधिकारियों ने एक भी टेली-कंसल्टेशन नहीं किया है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शून्य टेली-कंसल्टेशन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन न्यूनतम पांच टेली-कंसल्टेशन सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा की विभिन्न योजनाओं में खराब प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। एनसीडी कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, आभा आईडी निर्माण, टीकाकरण तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सोनकर को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड निर्माण में खराब प्रदर्शन पाए जाने पर बीसीपीएम फरेंदा बबीता शर्मा, बीसीपीएम सिसवा प्रदीप चौरसिया तथा बीसीपीएम परतावल अमित कुमार गौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने एनसीडी स्क्रीनिंग, रेफरल, उपचार और फॉलोअप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए जुलाई माह तक निर्धारित लक्ष्य का कम से कम 32 प्रतिशत पूरा करने को कहा। उन्होंने आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड निर्माण में सुधार लाने के लिए प्रत्येक ऑपरेटर आईडी से प्रतिदिन न्यूनतम 10 लाभार्थियों का ई-केवाईसी तथा पांच नए गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और संगिनी आशाओं को इसमें विशेष रुचि लेकर लक्ष्य पूरा करने की हिदायत दी।
बैठक में एसएनसीयू से डिस्चार्ज होने वाले प्रत्येक नवजात का शत-प्रतिशत फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित संगिनी और आशा कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चों की निगरानी करें ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या समय रहते सामने आ सके।
उन्होंने आगामी दस्तक अभियान के दौरान अधिक से अधिक आभा आईडी बनाने, जननी सुरक्षा योजना के सभी लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने तथा आशा कार्यकर्ताओं के तीन माह के भुगतान की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जनपद के सभी कुष्ठ रोगियों की लाइन लिस्ट तैयार कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवासीय योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना बनाने को कहा।
समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले तीन आशा कार्यकर्ताओं, तीन संगिनी, तीन एएनएम तथा तीन कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों को चिन्हित कर नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए, घर-घर जाकर लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा संचारी रोगों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थित रहने, पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




