परियोजना बंद होने पर कर्मियो ने उठाई समायोजन की मांग, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मिला प्रतिनिधि मंडल

महराजगंज।(न्यूज पैच)। उत्तर प्रदेश कृषि विविधीकरण परियोजना (उद्यान घटक) में कार्य कर चुके कर्मियों ने अपने समायोजन की मांग को लेकर सोमवार को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। कर्मियों ने अपने लंबे अनुभव और सेवा को आधार बनाते हुए विभाग में न्यायोचित समायोजन की मांग रखी।
कर्मियों ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि विश्व बैंक पोषित इस परियोजना के तहत वर्ष 1998-99 में विभिन्न आदेशों के माध्यम से उनकी नियुक्ति की गई थी और उन्होंने लंबे समय तक नियमित रूप से कार्य किया। लेकिन 31 मार्च 2005 को परियोजना बंद होने के बाद सभी कर्मी बेरोजगार हो गए, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रभावित कर्मियों ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिकाएं दायर कीं, जिनमें न्यायालय ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया। कर्मियों के अनुसार, 9 अप्रैल 2015 को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तत्कालीन उद्यान मंत्री द्वारा निर्देश दिए गए थे कि संविदा पर कार्य कर चुके कर्मियों के अनुभव को देखते हुए विभाग में रिक्त पदों पर उनके समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसी क्रम में 10 जून 2015 को तत्कालीन निदेशक द्वारा प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया था।
कर्मियों ने यह भी बताया कि वर्तमान में विभाग द्वारा माइक्रोइरिगेशन, आरकेवीवाई, पान विकास योजना एवं स्पेशल कंपोनेंट प्लान जैसी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष और अनुभवी कर्मियों की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में यदि उन्हें नियमानुसार समायोजित किया जाता है, तो योजनाओं का संचालन और अधिक प्रभावी होगा तथा किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
इस दौरान सुरेन्द्र पटेल, शिवम पतालिया, नागेन्द्र सिंह, राजमणि, शिवजीत पटेल, बिनोद कुमार सिंह, शत्रुघ्न मिश्रा और पंकज कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे। कर्मियों ने केंद्रीय मंत्री से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई है, ताकि उन्हें पुनः रोजगार का अवसर मिल सके और वे अपने अनुभव का उपयोग प्रदेश के कृषि विकास में कर सकें।




