चिकित्सा और सामाजिक सेवा में योगदान के लिए डॉ. बी.एन. वर्मा सम्मानित
नेत्रदान जागरूकता, निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम में योगदान के लिए मिला प्रशस्ति पत्र

महराजगंज।(न्यूज पैच)। सदर ब्लॉक सभागार में आयोजित ‘सेवा हेतु शिविर कार्यक्रम’ के दौरान चिकित्सा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सृजन आई हॉस्पिटल, महराजगंज के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. बी.एन. वर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
डॉ. वर्मा को यह सम्मान नेत्रदान और अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए दिया गया।
कार्यक्रम में मरणोपरांत देहदान करने वाले संतोष कुमार श्रीवास्तव और किरन श्रीवास्तव (बेलवा टीकर), कमला राव (बसडीला, पनियरा) सहित नेत्रदान के लिए प्रेरित करने और इस पुनीत कार्य में योगदान देने वाले लोगों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में परिवार के सभी 11 सदस्यों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने वाले विजय सिंह संत ‘बब्लू बाबू’ (बागापार), जगन्नाथ सिंह (ठूठीभारी), विजय सिंह (रमपुरवा), विनोद कुमार गुप्ता (राजीव नगर), देवेश पांडे (शास्त्री नगर), रघुनाथ वर्मा (रमपुरवा) और विश्राम चौधरी (मुंडेराकला) सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभी को उनकी सेवा भावना, सामाजिक जागरूकता और मानवता के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, फरेंदा के पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडे, जिला प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी सदर शिवम कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, खंड विकास अधिकारी सदर राम दरस चौधरी, सदर तहसीलदार पंकज साही, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भागवत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
डॉ. बी.एन. वर्मा का सम्मान चिकित्सा सेवा, नेत्रदान जागरूकता और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उनके प्रयासों की सराहना के रूप में देखा गया।




