जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है—जीवेश
युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखा रहे जीवेश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। युवाओं में राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से लक्ष्मीपुर क्षेत्र में दो स्थानों पर ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहला कार्यक्रम मुंशीलाल आदर्श इंटर कॉलेज, पैसिया-लक्ष्मीपुर में तथा दूसरा कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, धुसवा कला-लक्ष्मीपुर में आयोजित हुआ। दोनों कार्यक्रमों की अध्यक्षता क्रमशः मुंशीलाल आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल भारती तथा स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेंद्र गुप्ता ने की।
दोनों कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महराजगंज के जिला प्रचार प्रमुख जीवेश मिश्रा ने विद्यार्थियों एवं युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनमें राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात मुख्य वक्ता का स्वागत किया गया और विद्यार्थियों के साथ संवाद का क्रम प्रारंभ हुआ।
अपने संबोधन में मुख्य वक्ता जीवेश मिश्रा ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य को यदि सही दिशा मिले तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ राष्ट्र की प्रगति को नई गति दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम, संस्कार, स्वावलंबन और राष्ट्रहित को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों के सवालों पर जीवेश ने दिए प्रेरक जवाब
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने युवाओं, शिक्षा, तकनीक और भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न मुख्य वक्ता के सामने रखे। जीवेश मिश्रा ने प्रश्नों के सरल एवं प्रेरणादायी उत्तर देते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
प्रश्न — आज के युवा मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से कैसे बचें?
उत्तर: मुख्य वक्ता जीवेश ने कहा कि तकनीक समस्या नहीं है, उसका गलत उपयोग समस्या है। युवा मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान, शिक्षा एवं रचनात्मक कार्यों के लिए करें तथा अपने समय का सही नियोजन करें।
प्रश्न — विद्यार्थी देश के विकास में अभी से क्या योगदान दे सकते हैं?
उत्तर: उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए किसी विशेष उम्र का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। ईमानदारी से पढ़ाई करना, अनुशासन अपनाना, समाज के प्रति संवेदनशील रहना और जरूरतमंदों की सहायता करना ही राष्ट्र सेवा की शुरुआत है।
प्रश्न — असफलता मिलने पर युवाओं को क्या करना चाहिए?
उत्तर: जीवेश ने कहा कि असफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि सफलता की तैयारी का एक पड़ाव है। लक्ष्य स्पष्ट रखते हुए निरंतर प्रयास करने वाला युवा परिस्थितियों को बदलने की क्षमता रखता है।
जीवेश मिश्रा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज आवश्यकता ऐसे युवाओं की है जो अपने सपनों के साथ-साथ देश के सपनों को भी अपना सपना मानें। युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाकर स्वयं के व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने विभिन्न विषयों पर खुलकर संवाद किया और अपने विचार भी साझा किए। संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, राष्ट्रबोध, सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं ने अनुशासन, परिश्रम, सेवा और राष्ट्रहित को जीवन में अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।




