मुख्यालय से महज 5 किमी की दूरी सिसवा अमहवा गांव को लोगों को नहीं मिल सका स्वच्छ पानी
करोड़ों रुपए से बनाई गई पानी टंकी बेकार

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिसवा अमहवा गांव में स्वच्छ पानी अभी उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जब कि उस गाँव में करोड़ों रुपए से बनी पानी टंकी हांथी के दाँत के सामान हो गया है।गांव के लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से ग्रामीणों को स्वच्छ जल पीने का सपना आज तक पूरा नहीं हो सका।
विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण जो कार्य तीन साल में पूरा करना था वह आज तक पूरा नहीं हो सका। सदर ब्लाक के ग्राम सिसवा अमहवा में भी शासन की प्रमुख परियोजना जल जीवन मिशन के तहत तीन साल पहले पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया। बोरिंग ,भवन, टंकी सहित अन्य कई कार्य कराये गये। परन्तु मुख्य कार्य टेस्टिंग में स्थानीय कर्मचारियों ने घोर लापरवाही किए।
कम्पनी द्वारा मिले डीजल को बड़ी मात्रा में चोरी से रात में बाजार में बेच दिया। मौके पर बगल में मौजूद महिला किसान ने जब इस तेल के विषय में कुछ पूछना शुरू किया तो वे लोग इसे दूसरे साईट पर ले जाने की बात कह कर चले गए। जिससे डीजल की कमी के कारण बोर का पर्याप्त टेस्टिंग नहीं हो सका। इससे बाद में बोर सिल्ट से जाम हो गया। बाद में यह बोर फेल हो गया। लखनऊ की जांच टीम ने दूसरा बोर कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अब तक तो बोर नहीं कराया गया। जब कि स्थानीय कर्मचारियों ने उल्टे इस सेंटर में लगे इन्वर्टर और उसकी बैटरी को भी यहां से हटा दिया। मोटर और बोर को उखाड़ा गया है। मौके पर आज न तो कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद है और न तो देखरेख करने वाला है। पूरा परिसर झाड़ झनखाड और घास से पट गया है। जल आपूर्ति में सुधार के लिए कम्पनी द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर बंद है। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
स्थानीय ग्रामीण मोतीलाल, रामसनेही, रामभवन, मनोज, राजेश, राजन आदि ने बताया कि सरकार के इस मुख्य परियोजना में भ्रष्टाचार की दीमक लग गई है। वही गांव के लोगों का कहना है कि अब तक स्वच्छ जल पीने को तो नहीं मिला लेकिन कुछ लोग उसके पार्ट्स और सामान बेचकर अपना जेब भरने का कार्य कर रहे हैं l




