सहकार से समृद्धि’ अभियान को मिली नई गति, महराजगंज में 1000 से अधिक महिला किसान बनीं सहकारी समितियों की सदस्य
सहकारी सप्ताह के तहत चला वृहद सदस्यता अभियान, महिलाओं को कृषि संसाधनों, ऋण और तकनीकी सहायता से जोड़ने पर जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)। महिला किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सहकारिता आंदोलन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद में चलाया जा रहा “सहकार से समृद्धि” अभियान तेजी से सफलता की ओर बढ़ रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह के तहत बुधवार को जिले भर में वृहद महिला कृषक सदस्यता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 1000 से अधिक महिला किसानों ने सहकारी समितियों की सदस्यता ग्रहण कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
जनपद की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों में आयोजित इस विशेष अभियान में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक समिति पर न्यूनतम पांच महिला कृषकों को सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे अधिकांश समितियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने सहकारिता से जुड़कर कृषि क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया आधार
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) ने बताया कि “सहकार से समृद्धि” अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों, विशेषकर महिला कृषकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और कृषि क्षेत्र में अधिक सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों की सदस्य बनने वाली महिलाओं को उन्नत बीज, उर्वरक, कृषि ऋण, तकनीकी परामर्श, सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा अन्य सहकारी सुविधाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि संबंधी निर्णयों में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
सहकारी सप्ताह में चल रहे हैं जागरूकता कार्यक्रम
सहकारिता विभाग द्वारा 29 जून से 5 जुलाई तक आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
29 जून को जिले की सभी सहकारी समितियों में “सहकार से समृद्धि” शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इसके बाद 30 जून को प्राकृतिक एवं जैविक खेती जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा गोबर की खाद, ढैंचा और अन्य जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
बुधवार को आयोजित महिला सदस्यता अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सहकारी समितियों से जुड़ने वाली महिलाओं ने इसे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। अभियान के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी मंच भी है।
सहकारिता आंदोलन को मिलेगी नई ऊर्जा
सहकारिता विभाग ने जिले की सभी महिला किसानों से अधिक से अधिक संख्या में सहकारी समितियों की सदस्यता ग्रहण करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि “सहकार से समृद्धि” अभियान के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। जनपद में बड़ी संख्या में महिलाओं का सहकारी समितियों से जुड़ना इसी दिशा में एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




