पल्स पोलियो एवं विटामिन-ए अभियान को लेकर प्रशासन सतर्क, डीटीएफआई बैठक में तैयारियों की समीक्षा

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जनपद में आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो (एनआईडी) अभियान एवं विटामिन-ए अनुपूरण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स फॉर इम्यूनाइजेशन (DTFI) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रणनीति और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए यह आवश्यक है कि कोई भी पात्र बच्चा दवा पीने से वंचित न रह जाए। साथ ही विटामिन-ए अनुपूरण कार्यक्रम को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने अभियान की सूक्ष्म कार्ययोजना, बूथ प्रबंधन, वैक्सीन उपलब्धता, कोल्ड चेन व्यवस्था, मानव संसाधन तैनाती, पर्यवेक्षण प्रणाली तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करें।
बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि किसी भी बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बाधा न आए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अभियान के दौरान घर-घर संपर्क, जागरूकता अभियान तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Dy. CMO), जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIO), जिला समन्वयक (DC), जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी (DJSIO), एरिया रोटरी अधिकारी (ARO) सहित जनपद के सभी विकास खंडों के चिकित्सा अधीक्षक, एमओआईसी, बीपीएम, बीसीपीएम, इम्यूनाइजेशन ऑफिसर तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान एवं विटामिन-ए कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अभियान के दौरान प्रत्येक लक्षित बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए और जनपद को पूर्णतः सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाया जा सके।




