
सिन्दुरिया, महराजगंज।(न्यूज पैच)। चौक बाजार स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज, गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त अवेद्यनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं दिग्विजय नाथ बालिका इण्टर कालेज में शनिवार को बड़े धूमधाम से महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का प्रारंभ हिन्दुआ सूर्य महाराणा प्रताप और दिग्विजयनाथ के चित्र पर पुष्पांजलि व दीप प्रज्वलन से किया गया।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास में स्वाभिमान, अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने अकबर की दासता स्वीकार करने के बजाय घास की रोटियां खाना और जंगलों में भटकना बेहतर समझा, लेकिन मातृभूमि की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया।उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि छविनाथ सिंह ने कही। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर हरिन्द्र यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग बलिदान और समर्पण का है हमारे युवा पीढ़ी को उसे सीख लेनी चाहिए। इसी क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य विष्णु गुप्ता ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कही।
राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य शैलेंद्र भारती ने कहा कि भारत ने स्वतंत्रता के पश्चात कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अध्यक्षीय उद्बोधन महाविद्यालय के प्राचार्य लेफ्टिनेंट डॉ रामपाल यादव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की शौर्यता का प्रतीक है। इस ऑपरेशन में सिंदूर शब्द पहलगाम के आतंकी घटना में आहत हुए महिलाओं के बदले का प्रतिकार लिया आगे उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व में स्वाभिमान तथा राष्ट्र प्रेम की भावना निहित थी और उन्होंने मुगलो एवं मुगलों का शासन ना स्वीकार करते हुए पराक्रम के साथ जीवन व्यतीत किया।
प्रधानाचार्या सपना सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का शौर्य, पराक्रम, बलिदान ,त्याग और अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम निःसंदेह हम सभी भारतीयों के लिए अनुकरणीय है। आने वाली पीढियां उनके त्याग और बलिदान को कभी भी नहीं भूलेंगी। विद्यालय के शिक्षक अखिलेश एवं संदीप ने संयुक्त रूप से छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्कृष्टता एक दिन में नहीं प्राप्त होती है वरन उसके लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ता है। जो व्यक्ति जीवन मे सतत चलता रहता है, अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित रहता है उसी को सफलता मिलती है। इस अवसर पर
लेफ्टिनेंट शेषनाथ, अरविन्द कुमार, बिनोद कुमार विमल, प्रमोद कुमार सिंह, प्रियंका पाण्डेय, विपिन कुमार, संदीप यादव , आनन्द कुमार शुक्ल, शेषमणि विश्वकर्मा, अखिलेश कन्नौजिया, कृष्णमोहन शर्मा , प्रतिभा पाण्डेय, सरिता मिश्रा , कमलेश वर्मा , गिरिजेश शर्मा, डॉ सरोज रंजन, प्रीति पाण्डेय, मनोज नाथ योगेश्वर, विजय भारती, अक्षय कुमार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रमोद मौर्य




