निपुण भारत व जिला पोषण समिति की बैठक मे भवन निर्माण व मरम्मत में विलम्ब होने पर डीएम हुए नाराज,आधारशिला संदर्शिका के कम उपयोग पर चार बीईओ को नोटिस जारी करने का दिया निर्देश

महराजगंज।(न्यूज पैच)। जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में निपुण भारत और जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा बैठक में कायाकल्प द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में किये जाने वाले सुधार, बच्चों की उपस्थिति, पठन पाठन की गुणवत्ता, सैम मैम बच्चों के पोषण स्तर, मातृ वंदन योजना सहित अन्य विषयों की समीक्षा की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा कायाकल्प अभियान के तहत भवनों की मरम्मत व निर्माण में देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द असंतृप्त मानकों पर कार्यों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बीएसए ने बताया कि गत माह में 291 दिव्यांग शौचालय असंतृप्त थे, जिसमें 226 अनारंभ हैं। इसी प्रकार 33 चहारदीवारी में सभी अनारंभ हैं। क्लास रूम टाईलीकरण के 59 मामलों में 43 अनारंभ हैं। इसी प्रकार अन्य मानकों में भी अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी महोदय ने कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के असंतृप्त बिंदुओं पर विद्यालयों को जल्द से जल्द संतृप्त करें।
आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका का उपयोग बेहद कम होने पर बीईओ लक्ष्मीपुर, सिसवा, नौतनवा और परतावल को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया। लक्ष्मीपुर में संदर्शिका का उपयोग मात्र 23% रहा, सिसवा का 38% और नौतनवा व परतावल का 43% रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि डीटीफ और बीटीफ द्वारा नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने बच्चों के लर्निंग आउटकम में प्रभावी सुधार हेतु निर्देशित किया। कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय करते हुए सुधार को सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रभावी पर्यवेक्षण करते हुए विद्यालयों के शिक्षण परिवेश में गुणात्मक सुधार का निर्देश दिया।
जिला पोषण समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सैम व मैम बच्चों के पोषण की जानकारी ली। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में 478 बच्चे सैम और 2638 बच्चे मैम के रूप में चिन्हित हैं। जिनके पोषण में सुधार के लिए एनआरसी के लिए संदर्भित किया जाता है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गृह भ्रमण कर उचित पोषण हेतु सलाह देती हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर चिकित्सीय उपाय भी किया जाता है। जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु मिशन मोड पर कार्य करने का निर्देश दिया। टीएचआर प्लांट से पोषाहार वितरण को नियमित करने का निर्देश दिया। पीएम मातृवंदन योजना में अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। इसीलिए सभी विभाग समन्वित रूप से प्रयास करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, डी.सी. एनआरएलएम, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहे।




