जनपद का आईजीआरएस में 72वाँ रैंक होने पर डीएम ने जाहिर की कड़ी नाराजगी
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक, राजस्व वसूली तेज करने पर जोर

महराजगंज।(न्यूज पैच)l जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में राजस्व एवं करेत्तर समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने मण्डी समिति, खाद्य एवं औषधि प्रसंस्करण, खाद्य पदार्थ, जनपद में पेट्रोल, डीजल एवं गैस आपूर्ति, गन्ना भुगतान, डूडा आवास, पीएम स्वनिधि, कृषि एवं गैर-कृषि भूमि, अधिवास प्रमाण पत्र, राजस्व वादों के निस्तारण, एण्टी-भू-माफिया, मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना बीमा, राजस्व वसूली, स्वामित्व, एआरटीओ, खनन, स्टाम्प, आई.जी.आर.एस. आदि बिंदुओं की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के सापेक्ष शत–प्रतिशत प्रगति को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि राजस्व वसूली को शत–प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कहा कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने राजस्व वृद्धि हेतु प्रवर्तन को बढ़ाने का निर्देश दिया। अवैध खनन के मामले में जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि सभी मजिस्ट्रेट रातों को औचक रूप से छापेमारी कर अवैध खनन के मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित करें। कहा कि विगत दिवस में अवैध खनन की शिकायतें उन तक आई हैं, जो कि स्वीकार्य नहीं है। अवैध खनन के मामलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी द्वारा पीएम आवास (शहरी) कि समीक्षा के दौरान अधूरे भवनों को यथाशीघ्र पूर्ण कराने एवं जिनमें निर्माण कार्य नहीं हो रहा उनमें रिकवरी सुनिश्चित कराने हेतु पीओ डूडा को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने पीएम स्वनिधि के अंतर्गत आवेदन बढ़ाने हेतु समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि एक से तीन, तीन से पांच और पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को शून्य करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करें। कहा कि स्वामित्व से संबंधित किसी भी प्रकरण को लंबित न रखा जाए तथा विशेष रूप से राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने जनपद का आईजीआरएस में 72वाँ रैंक होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी कार्यालयाध्यक्षों को जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु कड़ा निर्देश दिया। कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में शिथिलता कदापि स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने सीमा चिन्हांकन स्तंभों को प्राथमिकता के आधार पर लगवाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी एसडीएम को सरकारी भूमि का चिन्हांकन कर एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सभी अधिशासी अधिकारियों को भी संपत्ति रजिस्टर का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज वालों ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि के चिन्हांकन का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी डॉ प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), समस्त एसडीएम,/तहसीलदार/नायब तहसीलदार, आबकारी अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित समस्त अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।




