
वाराणसी | बेंगलुरु से वाराणसी आ रही इंडिगो फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने लैंडिंग से ठीक पहले विमान का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की। इस खतरनाक हरकत से पूरे विमान में दहशत फैल गई, लेकिन केबिन क्रू और पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
क्या हुआ फ्लाइट में?
यह घटना इंडिगो की फ्लाइट 6E-185 में हुई, जो बेंगलुरु से वाराणसी आ रही थी।
लैंडिंग से ठीक पहले एक यात्री अचानक अपनी सीट से उठा
वह तेजी से इमरजेंसी गेट की ओर गया
उसने गेट खोलने वाले बटन से छेड़छाड़ शुरू कर दी
इस दौरान विमान लैंडिंग पोजीशन में था, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई। यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कई लोग डर के कारण घबरा गए।
दो बार की खतरनाक कोशिश
जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह हरकत सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि दो बार की थी—
पहली बार: उड़ान शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद
दूसरी बार: लैंडिंग से ठीक पहले, जब विमान जमीन से करीब 500 फीट ऊपर था
दूसरी कोशिश के दौरान खतरा ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि विमान उतरने ही वाला था।
पायलट की सूझबूझ से बची जानें
जैसे ही केबिन क्रू को स्थिति का पता चला, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की—
यात्री को काबू में किया गया
पायलट को तुरंत सूचना दी गई
पायलट ने लैंडिंग रोककर विमान को फिर से हवा में ले लिया
इसके बाद स्थिति नियंत्रित होने पर विमान को सुरक्षित तरीके से वाराणसी एयरपोर्ट पर उतारा गया।
कौन है आरोपी?
आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई
वह उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का रहने वाला है
फ्लाइट में अकेले सफर कर रहा था
लैंडिंग के बाद उसे CISF और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
‘भूत का साया’ बताई वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाला दावा किया—
उसने कहा कि उस पर “भूत का साया” था
उसे पता नहीं था कि वह क्या कर रहा है
उसने यह भी कहा कि उसे यह नहीं मालूम था कि बटन दबाने से दरवाजा खुल सकता है
हालांकि पुलिस इस बयान की जांच कर रही है और हर एंगल से मामले को समझने की कोशिश कर रही है।
केस दर्ज, कई एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज
CISF, पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच में शामिल
मानसिक स्थिति और इरादे की भी जांच की जा रही है
यात्रियों में फैली दहशत
इस घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों की हालत बेहद खराब हो गई—
लोग अपनी सीटों पर जमे रहे
कुछ यात्रियों ने क्रू को मदद के लिए बुलाया
सभी की नजर आरोपी पर टिक गई
हालांकि अंत में सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
कितना खतरनाक था यह कदम?
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार—
लैंडिंग के दौरान इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ बेहद खतरनाक हो सकती है
इससे विमान का संतुलन बिगड़ सकता है
यात्रियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है
यही वजह है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
इंडिगो फ्लाइट में हुई यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी उठाती है।
जहां एक तरफ आरोपी का “भूत” वाला दावा हैरान करने वाला है, वहीं दूसरी तरफ क्रू और पायलट की सतर्कता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि एयर सेफ्टी में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा खतरा बन सकती है।




