Welcome to News Patch   Click to listen highlighted text! Welcome to News Patch
टॉप न्यूज़दुनिया
Trending

भारत में दिखेगा ‘पिंक मून’ 2026: जानिए क्या है यह खगोलीय घटना और कैसे देखें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अप्रैल 2026 की शुरुआत एक शानदार खगोलीय घटना से हो रही है, जब आकाश में “पिंक मून” (Pink Moon) दिखाई देगा। यह अप्रैल महीने का पूर्ण चंद्रमा होगा, जिसे दुनिया भर के खगोलप्रेमी बड़े उत्साह से देख सकते हैं।

 

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक पूर्णतः प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा अपने पूर्ण प्रकाशित रूप में दिखाई देता है।

 

 क्या होता है पिंक मून?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “पिंक मून” वास्तव में कोई अलग प्रकार का चंद्रमा नहीं है। बल्कि यह अप्रैल महीने की पूर्णिमा (Full Moon) को दिया गया पारंपरिक नाम है। यह हर साल अप्रैल में होने वाली पूर्णिमा है और इसका रंग सामान्यतः सफेद या हल्का पीला ही होता है एवम् “पिंक” नाम सिर्फ सांस्कृतिक है, वैज्ञानिक रूप से, यह वही Full Moon ( पूर्ण चंद्र) है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है

 

पिंक मून नाम क्यों पड़ा?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम अमेरिका में खिलने वाले गुलाबी फूल (Phlox) से लिया गया है

यह फूल अप्रैल में खिलता है, इसलिए इस पूर्णिमा को ( पिंक मून) “Pink Moon” कहा गया लेकिन चंद्रमा वास्तव में गुलाबी नहीं दिखता है।खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह नाम प्रकृति के मौसमी बदलाव को दर्शाता है, न कि चंद्रमा के रंग को।”

 

कब है,भारत में पिंक मून 2026 का समय ?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया इसे देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की भोर ( सुबह ) तक है। यह खगोलीय वसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा, जिसे पिंक मून कहते हैं लेकिन इसका चरम समय 2 अप्रैल 2026 सुबह 7:42 बजे (IST) घटित होगा, उस दौरान भारत में दिन का समय होगा, यह वह उच्च समय है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से 100% चमक ( illuminated) पर होता है। या कुछ यूं कहें कि 2026 में भारत में ‘पिंक मून’ (अप्रैल की पूर्णिमा) 1 अप्रैल और 2 अप्रैल को दिखाई देगा, यह 1 अप्रैल को शाम को उदित होगा और सबसे अच्छा दृश्य 2 अप्रैल की भोर (सुबह) तक बना रहेगा। लेकिन चंद्रमा आपको 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल की रात दोनों में लगभग पूरा गोल ही दिखाई देगा। हालाँकि, यह आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल को पूर्वी मानक समय (EDT) के अनुसार रात में चरम पर होगा, लेकिन भारत में यह 2 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह तक अपने चरम पर रहेगा, लेकिन आप इसे 1 अप्रैल 2026 की शाम से लेकर 2 अप्रैल 2026 की भोर 5: 30 AM तक ही देख सकते हैं। उसके बाद चंद्रमा धीरे धीरे क्षितिज के नीचे जाना शुरू हो जायेगा।

 

कब और कैसे देखें पिंक मून?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में इसको देखने का सबसे अच्छा समय 1 अप्रैल 2026 (शाम) सूर्यास्त के बाद से 2 अप्रैल 2026 की भोर (सुबह) तक देख सकते हैं, इस दौरान चंद्रमा लगभग पूर्ण गोल दिखाई देगा साथ ही ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखेगा साथ ही विशेष सलाह देते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अच्छी तरह से देखने के लिए आपको किसी साफ़ स्वच्छ अंधेरी बाली जगहों से किसी भी खुले स्थान (छत/मैदान) से पूर्व दिशा (शाम) और पश्चिम दिशा भोर (सुबह) में देखें और साथ ही इसको बिना किसी दूरबीन के आसानी से ही देख सकते हैं लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप/ दूरबीन वगैरह है तब आप चंद्रमा के कुछ छोटे एवम् बड़े क्रेटर्स (गड्ढों) को भी साफ़ साफ़ देख सकते हैं। जो अपने आप में रोमांचकारी अनुभव देता है।

 

पूर्णिमा कैसे होती है? 

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में आ जाते हैं ,पृथ्वी बीच में होती है और सूर्य के प्रकाश के कारण चंद्रमा का पूरा प्रकाशित हिस्सा पृथ्वी से दिखाई देता है ,इस स्थिति को खगोल विज्ञान में ( “alignment”) या (syzygy) सिजिगी कहा जाता है

 

कितने दिनों तक दिखेगा पूर्ण चंद्रमा?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि तकनीकी खगोलीय वैज्ञानिक रूप से पूर्ण चंद्र (Full Moon ) एक क्षण (moment) होता है जिसे चरम समय कहा जाता है,लेकिन आकाश में साधारण आंखों से देखने पर किसी को भी चंद्रमा 1 दिन पहले और 1 दिन बाद तक भी लगभग पूरा गोल दिखता है। या साधारण भाषा में कुछ यूं कहें कि 1 अप्रैल और 2 अप्रैल दोनों दिन शानदार चंद्र दृश्य मिलेगा

 

पूर्ण चंद्र का विशेष खगोलीय महत्व क्या होता है?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय वसंत ऋतु (Spring) का पहला पूर्ण चंद्रमा है, एवं कई कैलेंडर और धार्मिक तिथियाँ इसी पर आधारित होती हैं और पूर्ण चंद्र होने पर पृथ्वी पर समुद्रों में ज्वार-भाटा (Tides) भी इस समय अधिक प्रभावी होते हैं इसलिए इसका अपना खगोलीय महत्व होता है।

 

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पिंक मून 2026 एक शानदार खगोलीय अवसर है, जिसे भारत में बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकता है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार,“यह घटना न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि हमें ब्रह्मांड की सटीक खगोलीय व्यवस्था और प्रकृति के चक्र को समझने का अवसर भी देती है।”

 

क्या वास्तव में होगा गुलाबी चंद्रमा ( पिंक मून) ?

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नाम प्राकृतिक फूलों से प्रेरित है, न कि रंग से। इसका नाम उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों ने ‘मॉस पिंक’ या ‘ग्राउंड फ्लॉक्स’ फूलों से दिया था जो अप्रैल में खिलते हैं। यह चांद वास्तव में गुलाबी नहीं होता, बल्कि सामान्य सफेद पूर्ण चंद्रमा है। अमर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि वायुमंडलीय रिफ्रैक्शन एवं रिफ्लेक्शन एवं प्रकाश के प्रकीर्णन आदि से कभी-कभी हल्की गुलाबी या नारंगी छटा दिख सकती है, खासकर क्षितिज के पास। लेकिन खगोलीय रूप से इसका यह कतई मतलब नहीं है कि इस दौरान पूरा चंद्रमा गुलाबी (पिंक) दिखाई देगा, इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से दूर ही रहें, और पहले ठीक से जानें उसके बाद में ही मानें। इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।

 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्र चक्र 29.5 दिनों का होता है, जिसमें पूर्णिमा चरण लभगग 100% चमक (illuminated ) होता है। इस पूर्णिमा ( पिंक मून) के दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.6 होगा एवं पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग 393,594.5 किलोमीटर होगी।

 

News Patch desk

News Patch का डेस्क अनुभवी और समर्पित पत्रकारों की एक टीम है, जो 24×7 सटीक, तेज और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए कार्यरत है। डेस्क टीम का मुख्य उद्देश्य हर खबर को तथ्यों के साथ परखकर, निष्पक्ष और संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना है। डेस्क पर कार्यरत पत्रकारों को विभिन्न बीट्स—जैसे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दे, और ब्रेकिंग न्यूज़—का गहरा अनुभव है। टीम लगातार बदलते न्यूज़ ट्रेंड्स पर नजर रखती है और हर महत्वपूर्ण अपडेट को तुरंत कवर करती है। News Patch Desk की विशेषता उसकी गति और विश्वसनीयता है। टीम आधुनिक डिजिटल टूल्स और मजबूत संपादकीय प्रक्रिया के माध्यम से खबरों की गुणवत्ता बनाए रखती है। हर खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। डेस्क टीम का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को जागरूक और सूचित रखना है, ताकि वे सही जानकारी के आधार पर अपने विचार बना सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!